Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Nov 2022 · 1 min read

प्रेम का गीत ही, हर जुबान पर गाया जाए

पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण, प्रेम में पिरोया जाए
दशों दिशाओं में, प्रेम और प्रेम ही परोसा जाए
इंसान और इंसानियत,हर हाल में संवारा जाए
नफरतों की आग को, दुनिया में बुझाया जाए
प्रेम का गीत ही,हर जुबान पर गाया जाए
सुरेश कुमार चतुर्वेदी

Language: Hindi
6 Likes · 2 Comments · 525 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुरेश कुमार चतुर्वेदी
View all
You may also like:
लोकतंत्र
लोकतंत्र
Sandeep Pande
माना अपनी पहुंच नहीं है
माना अपनी पहुंच नहीं है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
"एक नज़्म तुम्हारे नाम"
Lohit Tamta
सच का सौदा
सच का सौदा
अरशद रसूल बदायूंनी
Mathematics Introduction .
Mathematics Introduction .
Nishant prakhar
मंजिलों की तलाश में, रास्ते तक खो जाते हैं,
मंजिलों की तलाश में, रास्ते तक खो जाते हैं,
Manisha Manjari
आते ही ख़याल तेरा आँखों में तस्वीर बन जाती है,
आते ही ख़याल तेरा आँखों में तस्वीर बन जाती है,
डी. के. निवातिया
जिस समाज में आप पैदा हुए उस समाज ने आपको कितनी स्वंत्रता दी
जिस समाज में आप पैदा हुए उस समाज ने आपको कितनी स्वंत्रता दी
Utkarsh Dubey “Kokil”
दिल की दहलीज़ पर जब कदम पड़े तेरे ।
दिल की दहलीज़ पर जब कदम पड़े तेरे ।
Phool gufran
💐प्रेम कौतुक-421💐
💐प्रेम कौतुक-421💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
लोग जीते जी भी तो
लोग जीते जी भी तो
Dr fauzia Naseem shad
उर्वशी कविता से...
उर्वशी कविता से...
Satish Srijan
*नदी नहीं है केवल गंगा, देवलोक का गान है (गीत)*
*नदी नहीं है केवल गंगा, देवलोक का गान है (गीत)*
Ravi Prakash
मेरे नन्हें-नन्हें पग है,
मेरे नन्हें-नन्हें पग है,
Buddha Prakash
राम और सलमान खान / मुसाफ़िर बैठा
राम और सलमान खान / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
संदेश बिन विधा
संदेश बिन विधा
Mahender Singh
तुम सत्य हो
तुम सत्य हो
Dr.Pratibha Prakash
तारीफ किसकी करूं किसको बुरा कह दूं
तारीफ किसकी करूं किसको बुरा कह दूं
कवि दीपक बवेजा
2971.*पूर्णिका*
2971.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
गर्व करो कि
गर्व करो कि
*Author प्रणय प्रभात*
भारत अपना देश
भारत अपना देश
प्रदीप कुमार गुप्ता
रिश्ते
रिश्ते
Punam Pande
‘ विरोधरस ‘---4. ‘विरोध-रस’ के अन्य आलम्बन- +रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---4. ‘विरोध-रस’ के अन्य आलम्बन- +रमेशराज
कवि रमेशराज
मौन जीव के ज्ञान को, देता  अर्थ विशाल ।
मौन जीव के ज्ञान को, देता अर्थ विशाल ।
sushil sarna
मारी थी कभी कुल्हाड़ी अपने ही पांव पर ,
मारी थी कभी कुल्हाड़ी अपने ही पांव पर ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
रिश्तो से जितना उलझोगे
रिश्तो से जितना उलझोगे
Harminder Kaur
Be happy with the little that you have, there are people wit
Be happy with the little that you have, there are people wit
पूर्वार्थ
- अपनो का स्वार्थीपन -
- अपनो का स्वार्थीपन -
bharat gehlot
"ऐ मितवा"
Dr. Kishan tandon kranti
सच ही सच
सच ही सच
Neeraj Agarwal
Loading...