Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Feb 2017 · 1 min read

“प्रेमगीत” ?

दिल चाहता हैं मैं भी प्रेमगीत लिखूँ
शब्दों से सजाकर अपना मनमीत लिखूँ
बारिश की बूँदें,फूलों की खुशबू
हवा की सनसनाहट,चाँद की आहट लिखूँ….

दिल चाहता है मैं भी प्रेम गीत लिखूँ…

थोड़ी सी बैचैनी ज़रा सा सुकून लिखूँ
कुछ खोने का डर,कुछ पाने का जूनून लिखूँ
ज़रा सी सादगी,ज़रा सी शरारत
मन दर्पण तेरा,खुद को प्रतिबिम्ब लिखूँ

दिल चाहता है मैं भी प्रेमगीत लिखूँ….

पर यकायक जब तुम सामने आते हो
बंद आँखों मेरा दिल पढ़ जाते हो
तब निशब्द सी हो जाती हूँ
ये अहसास वाली भाषा समझकर
क्योंकि बंधन तो बंधन होता है
यूँ प्रेम को फिर क्यूँ बांध के रखूँ
तुम्ही कहो क्यों ऐसा प्रेमगीत लिखूँ….

© “इंदु रिंकी वर्मा”

Language: Hindi
3 Likes · 1 Comment · 348 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
देश की हिन्दी
देश की हिन्दी
surenderpal vaidya
"ओस की बूंद"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
बरखा
बरखा
Dr. Seema Varma
शाम हो गई है अब हम क्या करें...
शाम हो गई है अब हम क्या करें...
राहुल रायकवार जज़्बाती
मजदूरों से पूछिए,
मजदूरों से पूछिए,
sushil sarna
2801. *पूर्णिका*
2801. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
किसी गैर के पल्लू से बंधी चवन्नी को सिक्का समझना मूर्खता होत
किसी गैर के पल्लू से बंधी चवन्नी को सिक्का समझना मूर्खता होत
विमला महरिया मौज
*श्री महेश राही जी (श्रद्धाँजलि/गीतिका)*
*श्री महेश राही जी (श्रद्धाँजलि/गीतिका)*
Ravi Prakash
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
खेत -खलिहान
खेत -खलिहान
नाथ सोनांचली
দারিদ্রতা ,রঙ্গভেদ ,
দারিদ্রতা ,রঙ্গভেদ ,
DrLakshman Jha Parimal
दिल में हिन्दुस्तान रखना आता है
दिल में हिन्दुस्तान रखना आता है
नूरफातिमा खातून नूरी
स्वाभिमान
स्वाभिमान
Shyam Sundar Subramanian
नसीबों का मुकद्दर पर अब कोई राज़ तो होगा ।
नसीबों का मुकद्दर पर अब कोई राज़ तो होगा ।
Phool gufran
बेचारा जमीर ( रूह की मौत )
बेचारा जमीर ( रूह की मौत )
ओनिका सेतिया 'अनु '
प्यार मेरा बना सितारा है --
प्यार मेरा बना सितारा है --
Seema Garg
........,
........,
शेखर सिंह
*शिव शक्ति*
*शिव शक्ति*
Shashi kala vyas
#देसी_ग़ज़ल
#देसी_ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
ग़म ज़दा लोगों से जाके मिलते हैं
ग़म ज़दा लोगों से जाके मिलते हैं
अंसार एटवी
तुम कहो कोई प्रेम कविता
तुम कहो कोई प्रेम कविता
Surinder blackpen
सुहागन की अभिलाषा🙏
सुहागन की अभिलाषा🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जब आपके आस पास सच बोलने वाले न बचे हों, तो समझिए आस पास जो भ
जब आपके आस पास सच बोलने वाले न बचे हों, तो समझिए आस पास जो भ
Sanjay ' शून्य'
पहचाना सा एक चेहरा
पहचाना सा एक चेहरा
Aman Sinha
क़लम, आंसू, और मेरी रुह
क़लम, आंसू, और मेरी रुह
The_dk_poetry
"नश्वर"
Dr. Kishan tandon kranti
हिन्दी दोहा- बिषय- कौड़ी
हिन्दी दोहा- बिषय- कौड़ी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
ऐतबार कर बैठा
ऐतबार कर बैठा
Naseeb Jinagal Koslia नसीब जीनागल कोसलिया
रिश्तो से जितना उलझोगे
रिश्तो से जितना उलझोगे
Harminder Kaur
❤️
❤️
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Loading...