Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jul 2016 · 1 min read

प्रियतमा

ख्यालो की बगीया हो
फूलो की क्यारी हो
पूनम की चाँदनी
चकोर की दीवानगी
और सपनो की रवानी हो
पल में जीना पल में मुरझाना
दर्पण के जैसी नादानी हो
दिल के किताब की कोई शायरी
सौंदर्य को उकेरती करती कोई सरिता हो
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को..
परी के जैसी कोमलता है
और बुलबुल के जैसी चंचलता है
पलकों के ख्वाब हो तुम
फूलों के पराग हो तुम ।
… गाती जो गीत कोयल
वो गीत लाजवाब हो तुम ।
चांदनी चिटकती रातों में
और मदहोशी छा जाती है
ऐसी मनोहारी मुरत तुम हो ।
एक दिलरुबा हो दिल में
जो हूरों की परी से कम नहीं हो…।।कांत।। सुरेश शर्मा

Language: Hindi
Tag: कविता
781 Views
You may also like:
मछली जलपरी
Buddha Prakash
फैल गया काजल
Rashmi Sanjay
कवि का कवि से
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
#क्या_पता_मैं_शून्य_हो_जाऊं
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
रहे मुहब्बत सदा ही रौशन..
अश्क चिरैयाकोटी
खुद को पुनः बनाना
Kavita Chouhan
सुन लो बच्चों
लक्ष्मी सिंह
जिसे पाया नहीं मैंने
Dr fauzia Naseem shad
अल्फाज़ ए ताज भाग-4
Taj Mohammad
प्रेम की राह पर -8
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मेरी दादी के नजरिये से छोरियो की जिन्दगी।।
Nav Lekhika
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
"आधुनिक काल के महानतम् गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन्"
Pravesh Shinde
खुलकर बोलो
Shekhar Chandra Mitra
ख़्वाहिश है की फिर तुझसे मुलाक़ात ना हो, राहें हमारी...
Manisha Manjari
अहीर छंद (अभीर छंद)
Subhash Singhai
फिर भी वो मासूम है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कर्म
Rakesh Pathak Kathara
✍️कभी कभी
'अशांत' शेखर
धन्वंतरि पूजा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
विश्व पुस्तक दिवस (किताब)
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हाँ, यह विदाई बहुत अच्छी है
gurudeenverma198
किंकर्तव्यविमूढ़
Shyam Sundar Subramanian
वो काली रात...!
मनोज कर्ण
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती हैं
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हम गीत ख़ुशी के गाएंगे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चिलचिलती धूप
Nishant prakhar
ये आँखें
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
*कथावाचक श्री राजेंद्र प्रसाद पांडेय 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
तुम हमें तन्हा कर गए
Anamika Singh
Loading...