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4 Feb 2017 · 1 min read

प्यार का रिश्ता

दो इंसानों के बीच यहाँ बस इक प्यार का रिश्ता है,
प्यार पर भरोसा है, तो सारा जहाँ अपना लगता है,
जब तनहा हो जाते हैं, वो प्यार से महफूज़ होने वाले,
तो सारा जहाँ जैसे खोया खोया सा लगता है !!

निकल कर उन वादिओं से, जहाँ प्यार ही प्यार हो,
हर इंसान के साथ मेरा बस, यही एक रिश्ता है,
तनहा जीवन काटना बड़ा मुश्किल, यह जीवन का सफ़र है,
जीवन संध्या बीतने से पहले, बना जाऊं वो प्यार वाला रिश्ता !!

खो कर आज तुम्हारा साथ , मुश्किल लगती यह डगर है,
तुम प्यार से दो मीठे बोल बोल देती हो,जीवन सुंदर लगता है,
रिश्ता तो दुश्मनों का भी बन जाता है , मगर मैने
देखा है, उस में मीठा कम , कडवाहट वाला रिश्ता दीखता है !!

कवि अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
408 Views
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