Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 May 2023 · 1 min read

पेड़ लगाए पास में, धरा बनाए खास

आया ऐसा नौतपा, चले कहां अब भाग।
सूरज का पारा चढ़ा, बरस रही है आग।।

देखो तुम मजदूर को, करता नहीं विश्राम।
करते करते थक गया,होता खत्म न काम।।

तपती गर्मी से जले, देखो सबके पांव।।
यहां वहां सब खोजते, मिल जाए कुछ छांव।

पौधों से धरती सजे, और मिले फल फूल।
पेड़ लगाकर आज से, सुधारे सभी भूल।।

आओ हम मिलकर करें, एक छोटा प्रयास।
पेड़ लगाए पास में, धरा बनाए खास।।

Language: Hindi
1 Like · 518 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from जगदीश लववंशी
View all
You may also like:
दोहा
दोहा
दुष्यन्त 'बाबा'
चुपके से चले गये तुम
चुपके से चले गये तुम
Surinder blackpen
मातृभाषा हिन्दी
मातृभाषा हिन्दी
ऋचा पाठक पंत
सवर्ण और भगवा गोदी न्यूज चैनलों की तरह ही सवर्ण गोदी साहित्य
सवर्ण और भगवा गोदी न्यूज चैनलों की तरह ही सवर्ण गोदी साहित्य
Dr MusafiR BaithA
परिपक्वता
परिपक्वता
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
खुशियों की आँसू वाली सौगात
खुशियों की आँसू वाली सौगात
DR ARUN KUMAR SHASTRI
.*यादों के पन्ने.......
.*यादों के पन्ने.......
Naushaba Suriya
खुल जाता है सुबह उठते ही इसका पिटारा...
खुल जाता है सुबह उठते ही इसका पिटारा...
shabina. Naaz
जाने क्यों तुमसे मिलकर भी
जाने क्यों तुमसे मिलकर भी
Sunil Suman
मेरी फितरत ही बुरी है
मेरी फितरत ही बुरी है
VINOD CHAUHAN
राजनीति अब धुत्त पड़ी है (नवगीत)
राजनीति अब धुत्त पड़ी है (नवगीत)
Rakmish Sultanpuri
फूल खिले हैं डाली-डाली,
फूल खिले हैं डाली-डाली,
Vedha Singh
"आईने पे कहर"
Dr. Kishan tandon kranti
खेत रोता है
खेत रोता है
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
हद
हद
Ajay Mishra
मुफ़लिसी एक बद्दुआ
मुफ़लिसी एक बद्दुआ
Dr fauzia Naseem shad
प्रेम का पुजारी हूं, प्रेम गीत ही गाता हूं
प्रेम का पुजारी हूं, प्रेम गीत ही गाता हूं
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
बचपन कितना सुंदर था।
बचपन कितना सुंदर था।
Surya Barman
2362.पूर्णिका
2362.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*गाते गाथा राम की, मन में भर आह्लाद (कुंडलिया)*
*गाते गाथा राम की, मन में भर आह्लाद (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
विदाई
विदाई
Aman Sinha
मुक्तक-
मुक्तक-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
ये प्यार की है बातें, सुनलों जरा सुनाउँ !
ये प्यार की है बातें, सुनलों जरा सुनाउँ !
DrLakshman Jha Parimal
सच तो सच ही रहता हैं।
सच तो सच ही रहता हैं।
Neeraj Agarwal
मुहब्बत सचमें ही थी।
मुहब्बत सचमें ही थी।
Taj Mohammad
करतूतें किस को बतलाएं
करतूतें किस को बतलाएं
*Author प्रणय प्रभात*
दिल की हसरत नहीं कि अब वो मेरी हो जाए
दिल की हसरत नहीं कि अब वो मेरी हो जाए
शिव प्रताप लोधी
मानव मूल्य शर्मसार हुआ
मानव मूल्य शर्मसार हुआ
Bodhisatva kastooriya
दो शे'र
दो शे'र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
जब दिल ही उससे जा लगा..!
जब दिल ही उससे जा लगा..!
SPK Sachin Lodhi
Loading...