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7 Jun 2023 · 1 min read

पुर-नूर ख़यालों के जज़्तबात तेरी बंसी।

पुर-नूर ख़यालों के जज़्तबात तेरी बंसी।
हर शख़्स ये कहती है नग़्मात तेरी बंसी।

रुख़्सार हसीं दर्पण आँखें ज्यूंँ समंदर,
नित चाँद को देती है सौगात तेरी बंसी ।
नीलम शर्मा ✍️

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