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8 Feb 2023 · 1 min read

*पुरानी पुस्तकें जग में, सदा दुर्लभ कहाती हैं (मुक्तक)*

पुरानी पुस्तकें जग में, सदा दुर्लभ कहाती हैं (मुक्तक)
_________________________
पुरानी पुस्तकें जग में, सदा दुर्लभ कहाती हैं
पुरानी पुस्तकों की कीमतें बढ़ती ही जाती हैं
दिखें जो पुस्तकें प्राचीन, तो फिर देखना जी-भर
रखी रहती है तालों में, झलक कम ही दिखाती हैं
_________________________
रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

Language: Hindi
170 Views
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