Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 15, 2022 · 1 min read

पिता

पिता,
मेरे सिर की छत,
मन की सुरक्षित ढ़ाल हैं ।
उड़ान मेरे हौंसलों की,
अस्तित्व की पहचान हैं ।
मन में जो दृढ़ता भरे
मजबूत वो स्तम्भ हैं ।
मेरे प्रेरणा उद्गम वही
जीवन का वो आरम्भ हैं ।
आशाओं के सब द्वार हैं ।
ईश का उपहार हैं ।
है जहां मुझको सुलभ सब
वो मेरा संसार हैं ।
पिता का है संग जिस पथ
वहां निश्चित जीत है ।
काल भी रूख मोड़ लेता
हारती हर भीत है ।
हाथ जो सिर पर तुम्हारा
फिर कहो मैं क्या वरूं
आधिपत्य कर हर चाह पर
सौभाग्य की स्वामिनी बनूं ।

मौलिक स्वरचित कृति
सरस्वती बाजपेई
कानपुर नगर

12 Likes · 25 Comments · 362 Views
You may also like:
एक पिता की जान।
Taj Mohammad
चलो गांवो की ओर
Ram Krishan Rastogi
महफिल में छा गई।
Taj Mohammad
अब कोई कुरबत नहीं
Dr. Sunita Singh
शायद...
Dr. Alpa H. Amin
किसको बुरा कहें यहाँ अच्छा किसे कहें
Dr Archana Gupta
अश्रुपात्र... A glass of tears भाग - 4
Dr. Meenakshi Sharma
पिता
Rajiv Vishal
प्रेरक संस्मरण
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
न झुकेगे हम
AMRESH KUMAR VERMA
चिड़िया का घोंसला
DESH RAJ
सेतुबंध रामेश्वर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अम्मा/मम्मा
Manu Vashistha
"अंतिम-सत्य..!"
Prabhudayal Raniwal
सुरज दादा
Anamika Singh
कनिष्ठ रूप में
श्री रमण
रस्सियाँ पानी की (पुस्तक समीक्षा)
Ravi Prakash
कैसा हो सरपंच हमारा / (समसामयिक गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सच्चाई का मार्ग
AMRESH KUMAR VERMA
नूर
Alok Saxena
सोंच समझ....
Dr. Alpa H. Amin
हमारी धरती
Anamika Singh
अप्सरा
Nafa writer
✍️मी परत शुन्य होणार नाही..!✍️
"अशांत" शेखर
✍️डार्क इमेज...!✍️
"अशांत" शेखर
मां
Dr. Rajeev Jain
जग के पिता
DESH RAJ
ग़ज़ल
kamal purohit
“ THANKS नहि श्रेष्ठ केँ प्रणाम करू “
DrLakshman Jha Parimal
शहीद होकर।
Taj Mohammad
Loading...