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Jun 9, 2016 · 1 min read

पायल की रुनझुन से मुझे जगाती है ।

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बेचैनी जब हद से उसे सताती है ।

अँगड़ाई ले चूड़ी तभी बजाती है ।

उठिये जी क्या ड्यूटी अभी नहीं जाना ,

पायल की रुनझुन से मुझे जगाती है ।

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वीर पटेल

1 Comment · 269 Views
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