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18 Oct 2022 · 1 min read

पापा

प्यारे से रिश्ते का एहसास हैं पापा
संवेदना के भंडार हैं पापा
हम सबके सिरताज हैं पापा
रोटी कपड़ा और मकान हैं पापा ।।

आशीर्वाद से तकदीर बदल कर
सवारते हमारा बचपन हैं पापा
उज्जवल भविष्य के लिए हमारे
जन्नत के महल के द्वार हैं पापा ।।

जिगर के टुकड़े को ससुराल भेजना
कैसे करते कन्यादान हैं पापा
हमारे दुख में छुप छुप कर रोए
रखते आंखों में सैलाब हैं पापा ।।

अभिषेक पाण्डेय अभि
१२/१०/२०२२

36 Likes · 8 Comments · 460 Views
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