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24 May 2023 · 1 min read

*परिपाटी लौटी पुनः, आया शुभ सेंगोल (कुंडलिया)*

परिपाटी लौटी पुनः, आया शुभ सेंगोल (कुंडलिया)
____________________________
परिपाटी लौटी पुनः, आया शुभ सेंगोल
राजदंड यह राष्ट्र का, समझो इसका मोल
समझो इसका मोल, सजेगा नव-संसद में
बतलाएगा ध्येय, चूर मत होना मद में
कहते रवि कविराय, देश यह शिव की माटी
नंदी शीर्षासीन, परम पावन परिपाटी
————————————————-
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

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