Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jun 2023 · 3 min read

— नसीहत —

आज के युग में अगर किसी को सही सलाह देने लगो, तो वो उस को बेवक़ूफ़ ही समझता है, जिस काम में नुक्सान होगा, आज का प्राणी उस तरफ सब से ज्यादा ही जाता है, जब उनको खुद लगता है, कि सच में नुक्सान हो रहा है, तब शायद उस को समझ आती है, परन्तु तब तक बहुत ज्यादा देर हो चुकी होती है ! मैं यह भी नहीं कहूंगा, कि सब एक जैसे होंगे, पर ज्यादातर ऐसे ही दिखेंगे, जैसा लिखा गया है !!

ऐसा ही हम आजकल देखते है, लोग जरुरत से ज्यादा ही बीमार पड़ रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे आज हर घर ही एक छोटा अस्पताल बन चुका है, शायद कोइ घर ऐसा बचा होगा, जहाँ पर एक दवा का डिब्बा मौजूद नहीं होगा, जीवन रक्षक दवा मौजूद नहीं होगी, इसका जो कारण है, उस तरफ ध्यान न देकर लोग खुद बिमारिओं को दावत देने के लिए फास्ट फ़ूड खाकर बीमार हो रहे हैं !

आपको क्या मालूम कि जिस जगह आप बैठकर फास्ट फ़ूड खाने के लिए बैठे हैं, वहां किस स्तर की चीजों का इस्तेमाल किया गया होगा, किस तरह के तेल का , किस तरह की सब्जिओं का, किस तरह की साफ़ सफाई का ध्यान दिया गया है, उस सामने वाले ने अपने हाथ भी धोये हैं, या बिना हाथ धोये आपके लिए सामान तैयार कर रहा है, या जो प्लेट में भेजा गया है वो ताजा भी है या नहीं, जब तक आप जागरूक नहीं होंगे तब तक आप अपने शरीर के साथ धोखा करते रहेंगे !!

आज बाजार में लूट सब से ज्यादा है, इतनी ज्यादा है, कि वो अपनी लागत से कहीं ज्यादा कमा रहे है, उस के बाद भी आप तक शुद्धता को नहीं परोस रहे हैं , फ्रीज में रखा हुआ बासी भोजन भी तरीके से गर्म कर के , चटपटा मसाला, तड़का लगाकर आपको खिला देंगे, अपना वो जरा सा भी व्यर्थ नहीं करेंगे, भला ही आपके दिए पैसे व्यर्थ चले जाएँ, उनको आपकी सेहत से कुछ नहीं लेना देना , उनको अपनी कमाई को देखना है !!

मोटापा, थायराइड, गैस , जलन (एसिडिटी) ,अपच, जोड़ों में दर्द, लीवर कमजोर, आँखों की रौशनी कमजोर, माइग्रेन, गुर्दा रोग, पथरी , अनगिनत बिमारिओं की वजह से छोटी छोटी आयु के बच्चे ग्रस्त हैं, जो बीमारी किसी समय में 40 या 50 वर्ष में हुआ करती थी, वो आजकल बच्चे के पैदा होते ही हो रही हैं, इन सब के पीछे हम सब का अपना ही हाथ है, घर के खाने को छोड़कर जब दूसरे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट के लिए अच्छी कमाई के लिए आप खुद सहयोगी हो रहे हो, तो उस में उनका क्या दोष, दोष आपका है, आप अपने आलस्य में रहकर, उनको आर्डर कर रहे हो, वो तो 2 मिनट में ही आपको लाकर दे देंगे !!

अपने आपको सेहत मंद रखने के लिए, खुद ही कठोर कदम उठाने पड़ेंगे , अन्यथा अस्पताल , मेडिकल स्टोर्स , मरीजों की संख्या बढ़ती चली जायेगी , अपने बच्चों का भविष्य बनाना आपके हाथ हैं, इस लेख के माध्यम से मेरी तरफ से यह छोटी सी नसीहत है, अगर अच्छी लगे तो अपने विचार जरूर प्रतुत कीजिये.!!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
Tag: लेख
222 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
#विभाजन_विभीषिका_स्मृति_दिवस
#विभाजन_विभीषिका_स्मृति_दिवस
Ravi Prakash
पढ़ते है एहसासों को लफ्जो की जुबानी...
पढ़ते है एहसासों को लफ्जो की जुबानी...
पूर्वार्थ
कविता
कविता
Shiva Awasthi
बिन मांगे ही खुदा ने भरपूर दिया है
बिन मांगे ही खुदा ने भरपूर दिया है
हरवंश हृदय
मोहि मन भावै, स्नेह की बोली,
मोहि मन भावै, स्नेह की बोली,
राकेश चौरसिया
खुद को संवार लूँ.... के खुद को अच्छा लगूँ
खुद को संवार लूँ.... के खुद को अच्छा लगूँ
सिद्धार्थ गोरखपुरी
■ कटाक्ष
■ कटाक्ष
*Author प्रणय प्रभात*
पर्यावरण दिवस पर विशेष गीत
पर्यावरण दिवस पर विशेष गीत
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
घर वापसी
घर वापसी
Aman Sinha
"जब मानव कवि बन जाता हैं "
Slok maurya "umang"
Maturity is not when we start observing , judging or critici
Maturity is not when we start observing , judging or critici
Leena Anand
नई शुरुआत
नई शुरुआत
Neeraj Agarwal
राज़ की बात
राज़ की बात
Shaily
चाय बस चाय हैं कोई शराब थोड़ी है।
चाय बस चाय हैं कोई शराब थोड़ी है।
Vishal babu (vishu)
कैसा दौर है ये क्यूं इतना शोर है ये
कैसा दौर है ये क्यूं इतना शोर है ये
Monika Verma
बनारस की धारों में बसी एक ख़ुशबू है,
बनारस की धारों में बसी एक ख़ुशबू है,
Sahil Ahmad
"चढ़ती उमर"
Dr. Kishan tandon kranti
नारी वो…जो..
नारी वो…जो..
Rekha Drolia
हम पर ही नहीं
हम पर ही नहीं
Dr fauzia Naseem shad
उत्कृष्ट सृजना ईश्वर की, नारी सृष्टि में आई
उत्कृष्ट सृजना ईश्वर की, नारी सृष्टि में आई
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
ruby kumari
पद्मावती पिक्चर के बहाने
पद्मावती पिक्चर के बहाने
Manju Singh
💐अज्ञात के प्रति-29💐
💐अज्ञात के प्रति-29💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
🚩 वैराग्य
🚩 वैराग्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak
ढलता सूरज गहराती लालिमा देती यही संदेश
ढलता सूरज गहराती लालिमा देती यही संदेश
Neerja Sharma
माँ मुझे जवान कर तू बूढ़ी हो गयी....
माँ मुझे जवान कर तू बूढ़ी हो गयी....
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
वर्षा
वर्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
गुज़रा हुआ वक्त
गुज़रा हुआ वक्त
Surinder blackpen
"ऐसा है अपना रिश्ता "
Yogendra Chaturwedi
अंतहीन प्रश्न
अंतहीन प्रश्न
Shyam Sundar Subramanian
Loading...