Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#22 Trending Author

नरसिंह अवतार

हिरणाकश्यप ने मृत्युंजय बनने के, सारे जतन जुटाए
घोर तपस्या के बल पर,ब़म्हा से वरदान बहुत ही पाए
न दिन में मरूं, न रात में,न घर में न बाहर
न मैं नीचे मरूं धरा पर,न ही मरूं मैं ऊपर
न हथियार चले कोई,न नर या कोई जानवर
सोच समझ कर मांग लिए वर,खुश हो गया अभय पाकर
डूब गया अपने ही दंभ में, धर्म का किया निरादर
खुद को कहने लगा ईश्वर, बढ़ाया पापाचार धरा पर
मृत्युंजय मान लिया खुद को,बन बैठा सर्बेश्वर
धर्म शील पुत्र प़हलाद हुए,भजन विष्णु का करते थे
पिता हुए नाराज, भगवान जो खुद को कहते थे
अटल भक्ति थी भक्त प़हलाद की,वे टस से मस न होते थे
जहर दिया पहाड़ से फेंका, अग्नि में उन्हें जलाया
नाना जतन जुटाए उसने, प़हलाद न मरने पाया
गुस्से में हिरणाकश्यप ने, प़हलाद को पास बुलाया
कहां है तेरा नारायण?, हिरणाकश्यप गुर्राया
प़हलाद ने कहा पिताजी, कहां नारायण नहीं है
बस्ते हैं प़भु कण कण में, कोई स्थान रिक्त नहीं है
क्या इस महल के खम्बे में,वसते तेरे नारायण हैं
हां इस खम्बे में भी, मुझको दिखते नारायण हैं
क़ोध में उसने उसी खम्बे से, प़हलाद को बांध दिया
काटूंगा तुझे और नारायण को, जोरदार प्रहार किया
प़कट हो गए नारायण,जिनने नरसिंह अवतार लिया
न नर थे न ही मानव,न ही दिन और रात
न ही अंदर बाहर मारा,न हथियार ही साथ
मार दिया था गोद में रखकर, नाखूनों का पाश
फ़ाड़ दिया नरसिंह भगवान ने, रखी भक्त की बात
सुरेश कुमार चतुर्वेदी

2 Likes · 1 Comment · 80 Views
You may also like:
धोखा
Anamika Singh
कुंडलिया छंद ( योग दिवस पर)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
पिता की नसीहत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नारियल
Buddha Prakash
कहाँ तुम पौन हो
Pt. Brajesh Kumar Nayak
ज़िंदगी।
Taj Mohammad
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
*झाँसी की क्षत्राणी । (झाँसी की वीरांगना/वीरनारी)
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मेरे गांव में होने लगा है शामिल थोड़ा शहर:भाग:2
AJAY AMITABH SUMAN
रास रचिय्या श्रीधर गोपाला।
Taj Mohammad
जाने क्या-क्या ? / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*मन या तन *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
पापा आप बहुत याद आते हो।
Taj Mohammad
ए- अनूठा- हयात ईश्वरी देन
AMRESH KUMAR VERMA
मां-बाप
Taj Mohammad
✍️पुरानी रसोई✍️
"अशांत" शेखर
तुम हो
Alok Saxena
बाबूजी! आती याद
श्री रमण
तुम हो फरेब ए दिल।
Taj Mohammad
प्यार
Satish Arya 6800
सच ही तो है हर आंसू में एक कहानी है
VINOD KUMAR CHAUHAN
भाइयों के बीच प्रेम, प्रतिस्पर्धा और औपचारिकताऐं
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
तुम्हारे शहर में कुछ दिन ठहर के देखूंगा।
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
एक संकल्प
Aditya Prakash
देश के हालात
Shekhar Chandra Mitra
तुम बिन लगता नही मेरा मन है
Ram Krishan Rastogi
लाडली की पुकार!
Dr. Arti 'Lokesh' Goel
" शौक बड़ी चीज़ है या मजबूरी "
Dr Meenu Poonia
उम्मीदों के परिन्दे
Alok Saxena
पिता हैं छाँव जैसे
अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
Loading...