Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Jan 2024 · 1 min read

नया

शीर्षक – नया
**************
आज नया कल हम सबने जाना हैं ।
जीवन का सच बस यही जमाना हैं।
रचना और शब्दों का साथ नया हैं।
हां जमीन पुरानी हमारी होती हैं।
नया सवेरा नयी चमक की होती हैं।
तेरा मेरा रिश्ता शब्दों का सच रहता हैं।
नया नौ दिन पुराना सौ दिन चमकता हैं।
शिक्षा से हम सभी को सहयोग होता हैं।
नया नया साल नववर्ष भी अभी आया हैं।
आओ मिलकर हम सभी रचना लिखते हैं।
कुछ नया कुछ पुराना हम सभी रहता हैं।
सच कहें न नया न पुराना मन भाव होता हैं।
नया दिन नई रचना आप का सहयोग मिलता हैं।
***********************
नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

Language: Hindi
86 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गीत
गीत
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
दीवाली
दीवाली
Mukesh Kumar Sonkar
तेरी ख़ामोशी
तेरी ख़ामोशी
Anju ( Ojhal )
महाकाल का संदेश
महाकाल का संदेश
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कोई ख़्वाब है
कोई ख़्वाब है
Dr fauzia Naseem shad
ज़िन्दगी की तरकश में खुद मरता है आदमी…
ज़िन्दगी की तरकश में खुद मरता है आदमी…
Anand Kumar
एक अजीब सी आग लगी है जिंदगी में,
एक अजीब सी आग लगी है जिंदगी में,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
💐प्रेम कौतुक-391💐
💐प्रेम कौतुक-391💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मैं कौन हूं
मैं कौन हूं
Anup kanheri
फैसला
फैसला
Dr. Kishan tandon kranti
అమ్మా తల్లి బతుకమ్మ
అమ్మా తల్లి బతుకమ్మ
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
Pyasa ke dohe (vishwas)
Pyasa ke dohe (vishwas)
Vijay kumar Pandey
2632.पूर्णिका
2632.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
खत पढ़कर तू अपने वतन का
खत पढ़कर तू अपने वतन का
gurudeenverma198
श्रृंगार
श्रृंगार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
लिट्टी छोला
लिट्टी छोला
आकाश महेशपुरी
जो समय सम्मुख हमारे आज है।
जो समय सम्मुख हमारे आज है।
surenderpal vaidya
रुसवा दिल
रुसवा दिल
Akash Yadav
तेरी कमी......
तेरी कमी......
Abhinay Krishna Prajapati-.-(kavyash)
🥀✍अज्ञानी की 🥀
🥀✍अज्ञानी की 🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
🥗फीका 💦 त्योहार 💥 (नाट्य रूपांतरण)
🥗फीका 💦 त्योहार 💥 (नाट्य रूपांतरण)
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
2) “काग़ज़ की कश्ती”
2) “काग़ज़ की कश्ती”
Sapna Arora
सावन बरसता है उधर....
सावन बरसता है उधर....
डॉ.सीमा अग्रवाल
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
VINOD CHAUHAN
*बालरूप श्रीराम (कुंडलिया)*
*बालरूप श्रीराम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
प्यार है रब की इनायत या इबादत क्या है।
प्यार है रब की इनायत या इबादत क्या है।
सत्य कुमार प्रेमी
मैं आखिर उदास क्यों होउँ
मैं आखिर उदास क्यों होउँ
DrLakshman Jha Parimal
फितरत
फितरत
Kanchan Khanna
मजदूर की अन्तर्व्यथा
मजदूर की अन्तर्व्यथा
Shyam Sundar Subramanian
अमावस्या में पता चलता है कि पूर्णिमा लोगो राह दिखाती है जबकि
अमावस्या में पता चलता है कि पूर्णिमा लोगो राह दिखाती है जबकि
Rj Anand Prajapati
Loading...