Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Nov 2023 · 1 min read

नया सवेरा

माना अभी अंधेरा है
माना तम से जूझ रहा हूं
एक दिन नया सवेरा लाना है
दुनिया को मार्ग दिखलाना है

रण में अंत तक बने रहना ही
मनुष्य को सफल बनाता है
मंजिल तक पहुंचाता है
एक दिन नया सवेरा लाना है
दुनिया को मार्ग दिखलाना है

माना भीड़ का हिस्सा हूं
भीड़ से अलग निकलना है
तप तपस्या करनी है
मंजिल तक जानी है

माना सपने बड़े हैं
बड़ी – बड़ी ख्वाहिशें हैं
पता है संघर्ष हमारा दुर्गम है

मैं भी हूं जिद्दी योद्धा
अपनी मुकद्दर बदल कर
अपनी तकदीर लिखता हूं
एक दिन नया सवेरा लाना है
दुनिया को मार्ग दिखलाना है

रचनाकार:- अमरेश कुमार वर्मा

Language: Hindi
259 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"दहलीज"
Ekta chitrangini
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"हार्दिक स्वागत"
Dr. Kishan tandon kranti
किसी ने कहा- आरे वहां क्या बात है! लड़की हो तो ऐसी, दिल जीत
किसी ने कहा- आरे वहां क्या बात है! लड़की हो तो ऐसी, दिल जीत
जय लगन कुमार हैप्पी
टूटने का मर्म
टूटने का मर्म
Surinder blackpen
सजदे में सर झुका तो
सजदे में सर झुका तो
shabina. Naaz
*बहुत सौभाग्यशाली कोई, पुस्तक खोल पढ़ता है (मुक्तक)*
*बहुत सौभाग्यशाली कोई, पुस्तक खोल पढ़ता है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
मै ज़ब 2017 मे फेसबुक पर आया आया था
मै ज़ब 2017 मे फेसबुक पर आया आया था
शेखर सिंह
I love to vanish like that shooting star.
I love to vanish like that shooting star.
Manisha Manjari
मैं तो महज शमशान हूँ
मैं तो महज शमशान हूँ
VINOD CHAUHAN
How to keep a relationship:
How to keep a relationship:
पूर्वार्थ
वफ़ाओं की खुशबू मुझ तक यूं पहुंच जाती है,
वफ़ाओं की खुशबू मुझ तक यूं पहुंच जाती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
रावण का परामर्श
रावण का परामर्श
Dr. Harvinder Singh Bakshi
संविधान का पालन
संविधान का पालन
विजय कुमार अग्रवाल
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
सत्य तो सीधा है, सरल है
सत्य तो सीधा है, सरल है
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
मै अकेला न था राह था साथ मे
मै अकेला न था राह था साथ मे
Vindhya Prakash Mishra
हिज़ाब को चेहरे से हटाएँ किस तरह Ghazal by Vinit Singh Shayar
हिज़ाब को चेहरे से हटाएँ किस तरह Ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
My love at first sight !!
My love at first sight !!
Rachana
जिंदगी की दास्तां,, ग़ज़ल
जिंदगी की दास्तां,, ग़ज़ल
Namita Gupta
आपकी सोच
आपकी सोच
Dr fauzia Naseem shad
* नदी की धार *
* नदी की धार *
surenderpal vaidya
कड़वा बोलने वालो से सहद नहीं बिकता
कड़वा बोलने वालो से सहद नहीं बिकता
Ranjeet kumar patre
वाह भाई वाह
वाह भाई वाह
Dr Mukesh 'Aseemit'
आसान होती तो समझा लेते
आसान होती तो समझा लेते
रुचि शर्मा
■सत्ता के लिए■
■सत्ता के लिए■
*प्रणय प्रभात*
लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही ?
लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही ?
Shyam Sundar Subramanian
मुक्तक
मुक्तक
Mahender Singh
दुर्भाग्य का सामना
दुर्भाग्य का सामना
Paras Nath Jha
"" *हाय रे....* *गर्मी* ""
सुनीलानंद महंत
Loading...