Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jun 2020 · 1 min read

नमन!

नमन! नमन! नमन!
वीर तुमको मेरा नमन
तुम्हारे बलिदान पर
रो रहा है यह गगन।
देश सुरक्षा की खातिर
सब कुछ तुमने त्यागा था,
भारत मां के प्यार की खातिर
तुमने अपनी मां से मुंह मोड़ा था।
हर मौसम, हर हालात में
जब-जब तुमने देश संभाला था।
तुम्हारी शौर्य गाथा सुनकर
हर बार गला भरा आता था।
गर्व रहेगा हमेशा मुझको
तुम्हारे शौर्य और पराक्रम पर
और नमन करता रहूंगा मैं तुमको
तुम्हारे सर्वोच्च बलिदान पर।

Language: Hindi
4 Likes · 5 Comments · 486 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
शरद पूर्णिमा की देती हूंँ बधाई, हर घर में खुशियांँ चांँदनी स
शरद पूर्णिमा की देती हूंँ बधाई, हर घर में खुशियांँ चांँदनी स
Neerja Sharma
चौथ का चांद
चौथ का चांद
Dr. Seema Varma
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
VINOD CHAUHAN
शीर्षक - सोच और उम्र
शीर्षक - सोच और उम्र
Neeraj Agarwal
नादान था मेरा बचपना
नादान था मेरा बचपना
राहुल रायकवार जज़्बाती
*धरती के सागर चरण, गिरि हैं शीश समान (कुंडलिया)*
*धरती के सागर चरण, गिरि हैं शीश समान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
जब  फ़ज़ाओं  में  कोई  ग़म  घोलता है
जब फ़ज़ाओं में कोई ग़म घोलता है
प्रदीप माहिर
गुस्सा
गुस्सा
Sûrëkhâ
परम लक्ष्य
परम लक्ष्य
Dr. Upasana Pandey
गरीबी की उन दिनों में ,
गरीबी की उन दिनों में ,
Yogendra Chaturwedi
आदि गुरु शंकराचार्य जयंती
आदि गुरु शंकराचार्य जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सम्मान में किसी के झुकना अपमान नही होता
सम्मान में किसी के झुकना अपमान नही होता
Kumar lalit
जिसके मन तृष्णा रहे, उपजे दुख सन्ताप।
जिसके मन तृष्णा रहे, उपजे दुख सन्ताप।
अभिनव अदम्य
** वर्षा ऋतु **
** वर्षा ऋतु **
surenderpal vaidya
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रंग रंगीली होली आई
रंग रंगीली होली आई
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
विडम्बना की बात है कि
विडम्बना की बात है कि
*Author प्रणय प्रभात*
हम समुंदर का है तेज, वह झरनों का निर्मल स्वर है
हम समुंदर का है तेज, वह झरनों का निर्मल स्वर है
Shubham Pandey (S P)
2798. *पूर्णिका*
2798. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जग में उदाहरण
जग में उदाहरण
Dr fauzia Naseem shad
दिली नज़्म कि कभी ताकत थी बहारें,
दिली नज़्म कि कभी ताकत थी बहारें,
manjula chauhan
மறுபிறவியின் உண்மை
மறுபிறவியின் உண்மை
Shyam Sundar Subramanian
-- मौत का मंजर --
-- मौत का मंजर --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
राज नहीं राजनीति हो अपना 🇮🇳
राज नहीं राजनीति हो अपना 🇮🇳
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
बालकों के जीवन में पुस्तकों का महत्व
बालकों के जीवन में पुस्तकों का महत्व
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
“कब मानव कवि बन जाता हैं ”
“कब मानव कवि बन जाता हैं ”
Rituraj shivem verma
दस्तूर
दस्तूर
Davina Amar Thakral
कब टूटा है
कब टूटा है
sushil sarna
दूर जा चुका है वो फिर ख्वाबों में आता है
दूर जा चुका है वो फिर ख्वाबों में आता है
Surya Barman
ये इंसानी फ़ितरत है जनाब !
ये इंसानी फ़ितरत है जनाब !
पूर्वार्थ
Loading...