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2 Feb 2017 · 1 min read

धूप खिली है आज धरा मुस्काई है

एक मुक्तक
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धूप खिली है आज धरा मुस्काई है
ठिठुरन से भी राहत सबने पाई है
रंग बिरंगे फूल खिले हैं उपवन में
फागुन की मस्ती सी देखो छाई है

डॉ अर्चना गुप्ता

Language: Hindi
214 Views
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