Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Nov 2023 · 1 min read

धरा हमारी स्वच्छ हो, सबका हो उत्कर्ष।

धरा हमारी स्वच्छ हो, सबका हो उत्कर्ष।
इसी दिशा में मिल सभी, करें विचार विमर्श।
जीवन शैली श्रेष्ठ हो, रहें स्वस्थ सब लोग।
और सभी का हित लिए, हर प्राणी में हर्ष।
~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, २७/११/२०२३

1 Like · 1 Comment · 283 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
"वचन देती हूँ"
Ekta chitrangini
शायरी
शायरी
Jayvind Singh Ngariya Ji Datia MP 475661
अतीत
अतीत
Bodhisatva kastooriya
#दोषी_संरक्षक
#दोषी_संरक्षक
*प्रणय प्रभात*
क्यों नहीं देती हो तुम, साफ जवाब मुझको
क्यों नहीं देती हो तुम, साफ जवाब मुझको
gurudeenverma198
मनमोहिनी प्रकृति, क़ी गोद मे ज़ा ब़सा हैं।
मनमोहिनी प्रकृति, क़ी गोद मे ज़ा ब़सा हैं।
कार्तिक नितिन शर्मा
ऐसा लगता है कि शोक सभा में, नकली आँसू बहा रहे हैं
ऐसा लगता है कि शोक सभा में, नकली आँसू बहा रहे हैं
Shweta Soni
प्रद्त छन्द- वासन्ती (मापनीयुक्त वर्णिक) वर्णिक मापनी- गागागा गागाल, ललल गागागा गागा। (14 वर्ण) अंकावली- 222 221, 111 222 22. पिंगल सूत्र- मगण तगण नगण मगण गुरु गुरु।
प्रद्त छन्द- वासन्ती (मापनीयुक्त वर्णिक) वर्णिक मापनी- गागागा गागाल, ललल गागागा गागा। (14 वर्ण) अंकावली- 222 221, 111 222 22. पिंगल सूत्र- मगण तगण नगण मगण गुरु गुरु।
Neelam Sharma
Lamhon ki ek kitab hain jindagi ,sanso aur khayalo ka hisab
Lamhon ki ek kitab hain jindagi ,sanso aur khayalo ka hisab
Sampada
पिता की लाडली तो हर एक बेटी होती है, पर ससुर जी की लाडली होन
पिता की लाडली तो हर एक बेटी होती है, पर ससुर जी की लाडली होन
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
World Hypertension Day
World Hypertension Day
Tushar Jagawat
बज्जिका के पहिला कवि ताले राम
बज्जिका के पहिला कवि ताले राम
Udaya Narayan Singh
वनिता
वनिता
Satish Srijan
3550.💐 *पूर्णिका* 💐
3550.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
*विनती है यह राम जी : कुछ दोहे*
*विनती है यह राम जी : कुछ दोहे*
Ravi Prakash
मन होता है मेरा,
मन होता है मेरा,
Dr Tabassum Jahan
"" *वाङमयं तप उच्यते* '"
सुनीलानंद महंत
"चिन्तन का कोना"
Dr. Kishan tandon kranti
एक न एक दिन मर जाना है यह सब को पता है
एक न एक दिन मर जाना है यह सब को पता है
Ranjeet kumar patre
रिश्तों में बेबुनियाद दरार न आने दो कभी
रिश्तों में बेबुनियाद दरार न आने दो कभी
VINOD CHAUHAN
सीख ना पाए पढ़के उन्हें हम
सीख ना पाए पढ़के उन्हें हम
The_dk_poetry
शब्दों का गुल्लक
शब्दों का गुल्लक
Amit Pathak
सूर्ययान आदित्य एल 1
सूर्ययान आदित्य एल 1
Mukesh Kumar Sonkar
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
भरोसा
भरोसा
Paras Nath Jha
भूल गई
भूल गई
Pratibha Pandey
*....आज का दिन*
*....आज का दिन*
Naushaba Suriya
बोलो राम राम
बोलो राम राम
नेताम आर सी
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
Lekh Raj Chauhan
रिसाय के उमर ह , मनाए के जनम तक होना चाहि ।
रिसाय के उमर ह , मनाए के जनम तक होना चाहि ।
Lakhan Yadav
Loading...