Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Nov 21, 2016 · 1 min read

दोहे

प्रभु मेरे क्या हो गया, पटरी नीचे ट्रेन
स्वर्ग सिधारे लोग सौ, यात्री हैं बेचैन |

बच्चे हुए अलग अलग, सन्तति बिन माँ बाप
मिली सजा निर्दोष को, किसका है यह पाप ?

आंसू अब थमता नहीं, रोते बच्चे देख
आश्रय हीन अनाथ को, चाहिए देख रेख |

गहरी निद्रा में मग्न थे, विपदा से अनजान
निद्रा में ही दी गवाँ, अपनी अपनी जान |

रब अब हमें करे कृपा, होकर मेहरवान
घायल लोगों का सभी, बच जाय सकल जान |

©कालीपद ‘प्रसाद’

147 Views
You may also like:
गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मज़ाक बन के रह गए हैं।
Taj Mohammad
✍️जुर्म संगीन था...✍️
"अशांत" शेखर
पाखंडी मानव
ओनिका सेतिया 'अनु '
.✍️वो पलाश के फूल...!✍️
"अशांत" शेखर
غزل
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
इशारो ही इशारो से...😊👌
N.ksahu0007@writer
अब सुप्त पड़ी मन की मुरली, यह जीवन मध्य फँसा...
संजीव शुक्ल 'सचिन'
हायकु
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
धोखा
Anamika Singh
जीवन जीत हैं।
Dr.sima
शृंगार छंद और विधाएं
Subhash Singhai
चार
Vikas Sharma'Shivaaya'
युद्ध आह्वान
Aditya Prakash
विरह वेदना जब लगी मुझे सताने
Ram Krishan Rastogi
प्रेयसी
Dr. Sunita Singh
दंगा पीड़ित
Shyam Pandey
**मानव ईश्वर की अनुपम कृति है....
Prabhavari Jha
मेरी ये जां।
Taj Mohammad
साहब का कुत्ता (हास्य व्यंग्य कहानी)
दुष्यन्त 'बाबा'
ये दूरियां मिटा दो ना
Nitu Sah
=*बुराई का अन्त*=
Prabhudayal Raniwal
✍️✍️ठोकर✍️✍️
"अशांत" शेखर
“ विश्वास की डोर ”
DESH RAJ
बेजुबान
Anamika Singh
पिता
Vandana Namdev
भूले बिसरे गीत
RAFI ARUN GAUTAM
# तेल लगा के .....
Chinta netam " मन "
💐💐प्रेम की राह पर-10💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जिंदगी: एक संघर्ष
Aditya Prakash
Loading...