Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Dec 2023 · 1 min read

दोहा पंचक. . .

दोहा पंचक. . .

अनुपम संध्या प्रीति की, अनुपम इसकी भोर ।
यौवन में थमता नहीं, मौन तृषा का शोर ।।

आँसू, आहें, हिचकियाँ, उल्फ़त के अंजाम ।
तन्हा बीते दिन यहाँ, तन्हा बीते शाम ।।

जिसकी खातिर इश्क में, खूब हुए बदनाम ।
उसकी यादों ने दिये , इन हाथों में जाम ।।

बिना पंख सम्भव नहीं, कोई भी परवाज़ ।
अंतस के हर भेद का, नयन खोलते राज ।।

वफा न जाने बेवफ़ा ,क्या उस पर इल्जाम ।
खाया फरेब इस तरह, इश्क हुआ बदनाम ।।

सुशील सरना / 30-12-23

99 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
क्या हो, अगर कोई साथी न हो?
क्या हो, अगर कोई साथी न हो?
Vansh Agarwal
दया के पावन भाव से
दया के पावन भाव से
Dr fauzia Naseem shad
रण प्रतापी
रण प्रतापी
Lokesh Singh
आता जब समय चुनाव का
आता जब समय चुनाव का
Gouri tiwari
*जन्मभूमि है रामलला की, त्रेता का नव काल है (मुक्तक)*
*जन्मभूमि है रामलला की, त्रेता का नव काल है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
मातृभूमि
मातृभूमि
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
टिमटिमाता समूह
टिमटिमाता समूह
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
'पिता'
'पिता'
पंकज कुमार कर्ण
शायद वो खत तूने बिना पढ़े ही जलाया होगा।।
शायद वो खत तूने बिना पढ़े ही जलाया होगा।।
★ IPS KAMAL THAKUR ★
धानी चूनर
धानी चूनर
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
मेरे गली मुहल्ले में आने लगे हो #गजल
मेरे गली मुहल्ले में आने लगे हो #गजल
Ravi singh bharati
प्रीत की चादर
प्रीत की चादर
Dr.Pratibha Prakash
तुम
तुम
Er. Sanjay Shrivastava
बेपनाह थी मोहब्बत, गर मुकाम मिल जाते
बेपनाह थी मोहब्बत, गर मुकाम मिल जाते
Aditya Prakash
"Let us harness the power of unity, innovation, and compassi
Rahul Singh
हिन्दी दोहा - स्वागत
हिन्दी दोहा - स्वागत
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
. *विरोध*
. *विरोध*
Rashmi Sanjay
😊😊😊
😊😊😊
*Author प्रणय प्रभात*
मैं अपने दिल की रानी हूँ
मैं अपने दिल की रानी हूँ
Dr Archana Gupta
नदी जिस में कभी तुमने तुम्हारे हाथ धोएं थे
नदी जिस में कभी तुमने तुम्हारे हाथ धोएं थे
Johnny Ahmed 'क़ैस'
स्याही की मुझे जरूरत नही
स्याही की मुझे जरूरत नही
Aarti sirsat
दोपहर जल रही है सड़कों पर
दोपहर जल रही है सड़कों पर
Shweta Soni
Dard-e-madhushala
Dard-e-madhushala
Tushar Jagawat
2287.
2287.
Dr.Khedu Bharti
शिवाजी गुरु समर्थ रामदास – ईश्वर का संकेत और नारायण का गृहत्याग – 03
शिवाजी गुरु समर्थ रामदास – ईश्वर का संकेत और नारायण का गृहत्याग – 03
Sadhavi Sonarkar
अगर किसी के पास रहना है
अगर किसी के पास रहना है
शेखर सिंह
"सागर तट पर"
Dr. Kishan tandon kranti
सब कुछ दुनिया का दुनिया में,     जाना सबको छोड़।
सब कुछ दुनिया का दुनिया में, जाना सबको छोड़।
डॉ.सीमा अग्रवाल
छोटी- छोटी प्रस्तुतियों को भी लोग पढ़ते नहीं हैं, फिर फेसबूक
छोटी- छोटी प्रस्तुतियों को भी लोग पढ़ते नहीं हैं, फिर फेसबूक
DrLakshman Jha Parimal
आँख खुलते ही हमे उसकी सख़्त ज़रूरत होती है
आँख खुलते ही हमे उसकी सख़्त ज़रूरत होती है
KAJAL NAGAR
Loading...