Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Oct 2016 · 1 min read

फौजी की बीवी …..दे दो वक्त को मात

क्या हुआ जो बिछड़ गई तुम
क्या हुआ जो बिखर गई तुम
क्या हुआ जो छूटा पति का साथ
वो शहीद सरहद पे हो गए
दे दुश्मन को मात ..
उठो अपनी शक्ति लगा दो
दे दो वक्त को मात !
क्या आज भी अबला हो तुम ??
अनपढ़ और निर्बल हो तुम ???

ग्यान का भण्डार हो तुम
शक्ति का पर्याय हो तुम
खुद पति को भेज सरहद
श्रद्धा की तो पात्र तुम हो

अश्क पर पहरा बिठा दो
नीर पर कब्जा जमा लो

शक्ति संचित करके अपनी
एक कदम फिर से बढ़ा लो
जिंदगी के पथ मे विजया
फिर से अपना हक जमा लो
ओज का परचम फहरा दो
फिर से अपना हक जमा लो

सरहद पे शहीद फौजी की बीवियों को समर्पित
नीरा रानी

Language: Hindi
638 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from NIRA Rani
View all
You may also like:
कबीरा हुआ दीवाना
कबीरा हुआ दीवाना
Shekhar Chandra Mitra
जितना मिला है उतने में ही खुश रहो मेरे दोस्त
जितना मिला है उतने में ही खुश रहो मेरे दोस्त
कृष्णकांत गुर्जर
■ सामयिक / ज्वलंत प्रश्न
■ सामयिक / ज्वलंत प्रश्न
*Author प्रणय प्रभात*
2996.*पूर्णिका*
2996.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आईने में ...
आईने में ...
Manju Singh
राजनीति में शुचिता के, अटल एक पैगाम थे।
राजनीति में शुचिता के, अटल एक पैगाम थे।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
'Memories some sweet and some sour..'
'Memories some sweet and some sour..'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
दोहा
दोहा
दुष्यन्त 'बाबा'
चुनाव
चुनाव
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
gurudeenverma198
अगर आपके पैकेट में पैसा हो तो दोस्ती और रिश्तेदारी ये दोनों
अगर आपके पैकेट में पैसा हो तो दोस्ती और रिश्तेदारी ये दोनों
Dr. Man Mohan Krishna
नींद कि नजर
नींद कि नजर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अजनबी बनकर आये थे हम तेरे इस शहर मे,
अजनबी बनकर आये थे हम तेरे इस शहर मे,
डी. के. निवातिया
रोशनी का पेड़
रोशनी का पेड़
Kshma Urmila
जहाँ तक राजनीति विचारधारा का संबंध है यदि वो सटीक ,तर्कसंगत
जहाँ तक राजनीति विचारधारा का संबंध है यदि वो सटीक ,तर्कसंगत
DrLakshman Jha Parimal
*हमारे देवता जितने हैं, सारे शस्त्रधारी हैं (हिंदी गजल)*
*हमारे देवता जितने हैं, सारे शस्त्रधारी हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
फितरत
फितरत
Awadhesh Kumar Singh
परिस्थिति का मैं मारा हूं, बेचारा मत समझ लेना।
परिस्थिति का मैं मारा हूं, बेचारा मत समझ लेना।
सत्य कुमार प्रेमी
💐प्रेम कौतुक-441💐
💐प्रेम कौतुक-441💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सपनो का सफर संघर्ष लाता है तभी सफलता का आनंद देता है।
सपनो का सफर संघर्ष लाता है तभी सफलता का आनंद देता है।
पूर्वार्थ
सरकार बिक गई
सरकार बिक गई
साहित्य गौरव
मयस्सर नहीं अदब..
मयस्सर नहीं अदब..
Vijay kumar Pandey
*दायरे*
*दायरे*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*
*"जहां भी देखूं नजर आते हो तुम"*
Shashi kala vyas
बरसात...
बरसात...
डॉ.सीमा अग्रवाल
न दिखावा खातिर
न दिखावा खातिर
Satish Srijan
'बेटी की विदाई'
'बेटी की विदाई'
पंकज कुमार कर्ण
-जीना यूं
-जीना यूं
Seema gupta,Alwar
उम्र थका नही सकती,
उम्र थका नही सकती,
Yogendra Chaturwedi
सावन‌ आया
सावन‌ आया
Neeraj Agarwal
Loading...