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7 Mar 2017 · 1 min read

देख तुम्हारी सादगी ,

अपने-अपने दंभ को ,भूल-बिसर के आज
शामिल होली में रहो ,जुड़ता दिखे समाज
#
फागुन-फागुन सा हुआ ,सावन बिछुड़ा मीत
छोड़ अधर की बासुरी ,राधा विरहा गीत
#
कायरता की राह में ,हद से निकले पार
माया जननी मोह की,देख यही संसार
#
पद प्रतिष्ठा वो छोड़ के ,सड़कें नापे रोज
कीचड़-कीचड़ में खिले ,पंकज,कमल,सरोज
#
देख तुम्हारी सादगी , हाथो बचा गुलाल
जीवन सारा काट दे ,इतनी सोच मलाल
सुशील यादव,दुर्ग
7.3.17

Language: Hindi
525 Views
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