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28 Jun 2023 · 1 min read

दूध-जले मुख से बिना फूंक फूंक के कही गयी फूहड़ बात! / MUSAFIR BAITHA

वर्ण–मतांधों पर विश्वास न करने की टोकरी भर वज़हें हैं, विश्वास करने को महज चुटकी भर कारणों की उपस्थिति एवं प्रतीति!

Language: Hindi
185 Views
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