Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Feb 2023 · 1 min read

दुनिया को बचाइए

हराम-खोरों से
नमक-हरामों से
दुनिया को बचाइए
शातिर हुक़्म-रानों से…
(१)
अपनी झूठी शान के लिए
कुछ घिनौने हथकंडों में
इन कम्बख्तों ने झोंक दिया
जनता को आलमी जंगों में
आदम-खोरों से
बे-ईमानों से
दुनिया को बचाइए
शातिर हुक़्म-रानों से…
(२)
ये धरती तो बेच ही दिए
आसमान भी बेच डालेंगे
इन्हें मौक़ा मिला तो दोनों
ज़हान भी बेच डालेंगे
काम-चोरों से
बद-जुबानों से
दुनिया को बचाइए
शातिर हुक़्म-रानों से…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#दर्द #कवि #bollywood #love
#गीतकार #politics #nature #युद्ध
#war #world #universe #save
#heal #pollution #tribes #lyricist
#peace #harmony #uno #सियासत
#शांति #प्रेम #मानवजाति #इंसानियत

Language: Hindi
Tag: गीत
2 Likes · 2 Comments · 193 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
क्रिकेट
क्रिकेट
World Cup-2023 Top story (विश्वकप-2023, भारत)
धर्म सवैया
धर्म सवैया
Neelam Sharma
"तू रंगरेज बड़ा मनमानी"
Dr. Kishan tandon kranti
समंदर
समंदर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
परिंदे अपने बच्चों को, मगर उड़ना सिखाते हैं( हिंदी गजल)
परिंदे अपने बच्चों को, मगर उड़ना सिखाते हैं( हिंदी गजल)
Ravi Prakash
अगर वास्तव में हम अपने सामर्थ्य के अनुसार कार्य करें,तो दूसर
अगर वास्तव में हम अपने सामर्थ्य के अनुसार कार्य करें,तो दूसर
Paras Nath Jha
जीवन में चुनौतियां हर किसी
जीवन में चुनौतियां हर किसी
नेताम आर सी
ख्वाबों से निकल कर कहां जाओगे
ख्वाबों से निकल कर कहां जाओगे
VINOD CHAUHAN
वक्त से वक्त को चुराने चले हैं
वक्त से वक्त को चुराने चले हैं
Harminder Kaur
नहीं है पूर्ण आजादी
नहीं है पूर्ण आजादी
लक्ष्मी सिंह
ख़ुद्दार बन रहे हैं पर लँगड़ा रहा ज़मीर है
ख़ुद्दार बन रहे हैं पर लँगड़ा रहा ज़मीर है
पूर्वार्थ
जुबान
जुबान
अखिलेश 'अखिल'
माँ सरस्वती वंदना
माँ सरस्वती वंदना
Karuna Goswami
56…Rajaz musaddas matvii
56…Rajaz musaddas matvii
sushil yadav
एक दिन में तो कुछ नहीं होता
एक दिन में तो कुछ नहीं होता
shabina. Naaz
शिक्षकों को प्रणाम*
शिक्षकों को प्रणाम*
Madhu Shah
मेरे अंशुल तुझ बिन.....
मेरे अंशुल तुझ बिन.....
Santosh Soni
फीका त्योहार !
फीका त्योहार !
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
*** चोर ***
*** चोर ***
Chunnu Lal Gupta
जीवन एक मैराथन है ।
जीवन एक मैराथन है ।
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
द्रोपदी फिर.....
द्रोपदी फिर.....
Kavita Chouhan
जिम्मेदारी कौन तय करेगा
जिम्मेदारी कौन तय करेगा
Mahender Singh
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
Dr MusafiR BaithA
2645.पूर्णिका
2645.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
अपनी चाह में सब जन ने
अपनी चाह में सब जन ने
Buddha Prakash
दोस्ती और प्यार पर प्रतिबन्ध
दोस्ती और प्यार पर प्रतिबन्ध
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
जिनके बिन घर सूना सूना दिखता है।
जिनके बिन घर सूना सूना दिखता है।
सत्य कुमार प्रेमी
....ऐ जिंदगी तुझे .....
....ऐ जिंदगी तुझे .....
Naushaba Suriya
अर्जुन सा तू तीर रख, कुंती जैसी पीर।
अर्जुन सा तू तीर रख, कुंती जैसी पीर।
Suryakant Dwivedi
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Loading...