Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jul 2016 · 1 min read

*दुआ का असर*

आधार छंद-वाचिक भुजंगप्रयात
मापनी -122 122 122 122
दुआ का असर ये दुआ का असर है
लगे अब सुहानी सी हर इक डगर है
मिले क्यों खुशी गम के’ साये में’ हरदम
परेशां नज़र है परेशां बशर है
जहाँ साथ छोड़ा था’ तुमने हमारा
वहीँ पर अभी तक हमारा गुज़र है
तुम्हारी अदाओं का’ देखो नशा ये
कि बहकी हुई सी हरिक अब नज़र है
समूचा गगन लो हमारा हुआ ये हुआ प्रीत का अब मुकम्मल सफ़र है
धर्मेन्द्र अरोड़ा

530 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चूड़ियाँ
चूड़ियाँ
लक्ष्मी सिंह
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
पर्वतों से भी ऊॅ॑चा,बुलंद इरादा रखता हूॅ॑ मैं
पर्वतों से भी ऊॅ॑चा,बुलंद इरादा रखता हूॅ॑ मैं
VINOD CHAUHAN
फूल तो फूल होते हैं
फूल तो फूल होते हैं
Neeraj Agarwal
मेरा बचपन
मेरा बचपन
Ankita Patel
যখন হৃদয় জ্বলে, তখন প্রদীপ জ্বালানোর আর প্রয়োজন নেই, হৃদয়ে
যখন হৃদয় জ্বলে, তখন প্রদীপ জ্বালানোর আর প্রয়োজন নেই, হৃদয়ে
Sakhawat Jisan
"गाली"
Dr. Kishan tandon kranti
*सर्वप्रिय मुकेश कुमार जी*
*सर्वप्रिय मुकेश कुमार जी*
Ravi Prakash
दीप की अभिलाषा।
दीप की अभिलाषा।
Kuldeep mishra (KD)
*महफिल में तन्हाई*
*महफिल में तन्हाई*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
सवाल जिंदगी के
सवाल जिंदगी के
Dr. Rajeev Jain
जागो जागो तुम सरकार
जागो जागो तुम सरकार
gurudeenverma198
" लोग "
Chunnu Lal Gupta
सब अपने नसीबों का
सब अपने नसीबों का
Dr fauzia Naseem shad
आज अचानक आये थे
आज अचानक आये थे
Jitendra kumar
" ठिठक गए पल "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
दिन तो खैर निकल ही जाते है, बस एक रात है जो कटती नहीं
दिन तो खैर निकल ही जाते है, बस एक रात है जो कटती नहीं
पूर्वार्थ
जब प्रेम की परिणति में
जब प्रेम की परिणति में
Shweta Soni
*पिता*...
*पिता*...
Harminder Kaur
2259.
2259.
Dr.Khedu Bharti
अजीब सी बेताबी है
अजीब सी बेताबी है
शेखर सिंह
दोहा
दोहा
दुष्यन्त 'बाबा'
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
Thunderbolt
Thunderbolt
Pooja Singh
💐Prodigy Love-23💐
💐Prodigy Love-23💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
किसी भी रूप में ढ़ालो ढ़लेगा प्यार से झुककर
किसी भी रूप में ढ़ालो ढ़लेगा प्यार से झुककर
आर.एस. 'प्रीतम'
चंद्रयान 3
चंद्रयान 3
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
जग अंधियारा मिट रहा, उम्मीदों के संग l
जग अंधियारा मिट रहा, उम्मीदों के संग l
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
कर न चर्चा हसीन ख्वाबों का।
कर न चर्चा हसीन ख्वाबों का।
सत्य कुमार प्रेमी
■ आज का शेर
■ आज का शेर
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...