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12 Jul 2016 · 1 min read

थोड़ी सी जगह

बहुत देर से
पहाड़ पर बैठी
दो लड़कियाँ
देख रही हैं सहस्रधारा

लड़कियाँ देख रही हैं सहस्रधारा
और मैं देख रही हूँ
उनके भीतर सोये पहाड़ को

उनकी आँखों में छलछलाते सपनें हैं
और मन के भीतर
सोया है पहाड़

क्या करूँ
कि कम से कम
करवट ही ले ले पहाड़
और बन जाये थोड़ी सी जगह
सपनों के लिए।

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Comment · 406 Views
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