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3 Oct 2022 · 1 min read

थप्पड़ की गूंज

अगर लगा सकें कभी
हमारे ये अशआर!
ज़ुल्मत के गाल पर
एक थप्पड़ ज़ोरदार!!
तो हम समझेंगे कि
हमारी यह ज़िंदगी!
चलो पूरी तरह से
गई नहीं बेकार!!
#इंकलाब #बगावत #क्रांतिकारी #हक़
#विचार #क्रांतिबीज #शायरी #विद्रोही
#कविता #rebel #poetry #Urdu

Language: Hindi
Tag: कविता
47 Views
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