Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Feb 2023 · 1 min read

तेरे दिल में कब आएं हम

जहां मिले इस दिल को करार
अब ऐसी जगह जाना चाहते हैं हम
बिन बताए आना तो अच्छा नहीं
अब तू बता, तेरे दिल में कब आएं हम

नीरस हो गई है ये दुनिया बहुत
छटपटाहट है दिल में आंखें है नम
तुममें ही बची है अब दिल की आस
अब तू बता, तेरे दिल में कब आएं हम

सोचकर तेरे बारे में सुकून मिलता है
दिखती है रोशनी, मिट जाता है गम
पाना चाहता हूं मैं तेरे दिल में ठिकाना
अब तू बता, तेरे दिल में कब आएं हम

देखकर उदासी मेरी ज़िंदगी की
कहीं दया भाव न दिखा दे मुझपर यम
इससे पहले कि बहुत देर हो जाए सनम
अब तू बता, तेरे दिल में कब आएं हम

एक नज़र अपना दीदार ही करा दे
कुछ तो हो जाए ये बेकरारी कम
थक गया हूं मैं अब भटकते भटकते
अब तू बता, तेरे दिल में कब आएं हम

है इंतज़ार किस बात का तुझे
अब ये सांसे ही कहीं जाए न थम
और इम्तिहान मत ले मोहब्बत में
अब तू बता, तेरे दिल में कब आएं हम।

Language: Hindi
8 Likes · 3 Comments · 1214 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
View all
You may also like:
मौन देह से सूक्ष्म का, जब होता निर्वाण ।
मौन देह से सूक्ष्म का, जब होता निर्वाण ।
sushil sarna
I want my beauty to be my identity
I want my beauty to be my identity
Ankita Patel
बहुत दिनों के बाद दिल को फिर सुकून मिला।
बहुत दिनों के बाद दिल को फिर सुकून मिला।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
क्रूरता की हद पार
क्रूरता की हद पार
Mamta Rani
मै ठंठन गोपाल
मै ठंठन गोपाल
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
कवित्त छंद ( परशुराम जयंती )
कवित्त छंद ( परशुराम जयंती )
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
दोस्त का प्यार जैसे माँ की ममता
दोस्त का प्यार जैसे माँ की ममता
प्रदीप कुमार गुप्ता
ख़ुदा ने बख़्शी हैं वो ख़ूबियाँ के
ख़ुदा ने बख़्शी हैं वो ख़ूबियाँ के
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हम सब मिलकर, ऐसे यह दिवाली मनाये
हम सब मिलकर, ऐसे यह दिवाली मनाये
gurudeenverma198
3183.*पूर्णिका*
3183.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बदल गए तुम
बदल गए तुम
Kumar Anu Ojha
😢शर्मनाक😢
😢शर्मनाक😢
*Author प्रणय प्रभात*
सुहाग रात
सुहाग रात
Ram Krishan Rastogi
संवेदना (वृद्धावस्था)
संवेदना (वृद्धावस्था)
नवीन जोशी 'नवल'
Sari bandisho ko nibha ke dekha,
Sari bandisho ko nibha ke dekha,
Sakshi Tripathi
वही खुला आँगन चाहिए
वही खुला आँगन चाहिए
जगदीश लववंशी
जीवन मंथन
जीवन मंथन
Satya Prakash Sharma
बलिदान
बलिदान
लक्ष्मी सिंह
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
Safar : Classmates to Soulmates
Safar : Classmates to Soulmates
Prathmesh Yelne
औरतें
औरतें
Neelam Sharma
सुख दुःख
सुख दुःख
विजय कुमार अग्रवाल
दोय चिड़कली
दोय चिड़कली
Rajdeep Singh Inda
हालात और मुकद्दर का
हालात और मुकद्दर का
Dr fauzia Naseem shad
आज खुश हे तु इतना, तेरी खुशियों में
आज खुश हे तु इतना, तेरी खुशियों में
Swami Ganganiya
चलना, लड़खड़ाना, गिरना, सम्हलना सब सफर के आयाम है।
चलना, लड़खड़ाना, गिरना, सम्हलना सब सफर के आयाम है।
Sanjay ' शून्य'
"एक सवाल"
Dr. Kishan tandon kranti
खूबसूरती
खूबसूरती
RAKESH RAKESH
हिन्द के बेटे
हिन्द के बेटे
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Loading...