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19 Feb 2023 · 1 min read

मक़रूज़ हूँ मैं

तू ही है मंजिल ए मकसूद मेरी,
तेरी मुहब्बत का मक़रूज़ हूँ मैं।

-सतीश सृजन

Language: Hindi
248 Views
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