Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Aug 2023 · 1 min read

तुम शायद मेरे नहीं

तुम शायद मेरे नहीं
मेरे लिए भी नहीं
पर
जब से आए हो
बस मेरे ही हो
बदल सकते हो
तो बदल कर देखो

#रश्मि_रश

Language: Hindi
1 Like · 2 Comments · 136 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*सत्ता कब किसकी रही, सदा खेलती खेल (कुंडलिया)*
*सत्ता कब किसकी रही, सदा खेलती खेल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है
तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है
DR ARUN KUMAR SHASTRI
#अज्ञानी_की_कलम
#अज्ञानी_की_कलम
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
थोथा चना
थोथा चना
Dr MusafiR BaithA
बिगड़ी किश्मत बन गयी मेरी,
बिगड़ी किश्मत बन गयी मेरी,
Satish Srijan
हर तरफ खामोशी क्यों है
हर तरफ खामोशी क्यों है
VINOD CHAUHAN
" भुला दिया उस तस्वीर को "
Aarti sirsat
जो द्वार का सांझ दिया तुमको,तुम उस द्वार को छोड़
जो द्वार का सांझ दिया तुमको,तुम उस द्वार को छोड़
पूर्वार्थ
हमारा चंद्रयान थ्री
हमारा चंद्रयान थ्री
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
Behaviour of your relatives..
Behaviour of your relatives..
Suryash Gupta
समाप्त वर्ष 2023 मे अगर मैने किसी का मन व्यवहार वाणी से किसी
समाप्त वर्ष 2023 मे अगर मैने किसी का मन व्यवहार वाणी से किसी
Ranjeet kumar patre
क्या मुझसे दोस्ती करोगे?
क्या मुझसे दोस्ती करोगे?
Naushaba Suriya
प्यार के मायने
प्यार के मायने
SHAMA PARVEEN
कविता(प्रेम,जीवन, मृत्यु)
कविता(प्रेम,जीवन, मृत्यु)
Shiva Awasthi
* बेटियां *
* बेटियां *
surenderpal vaidya
किरणों का कोई रंग नहीं होता
किरणों का कोई रंग नहीं होता
Atul "Krishn"
बुद्धिमान हर बात पर,
बुद्धिमान हर बात पर,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
प्रेम मे धोखा।
प्रेम मे धोखा।
Acharya Rama Nand Mandal
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
जाकर वहाँ मैं क्या करुँगा
जाकर वहाँ मैं क्या करुँगा
gurudeenverma198
संवेदनाएं जिंदा रखो
संवेदनाएं जिंदा रखो
नेताम आर सी
■ आज मेरे ज़मीं पर नहीं हैं क़दम।।😊😊
■ आज मेरे ज़मीं पर नहीं हैं क़दम।।😊😊
*Author प्रणय प्रभात*
23/05.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/05.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
"सन्देश"
Dr. Kishan tandon kranti
अभिमान
अभिमान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
रमेशराज की विरोधरस की मुक्तछंद कविताएँ—1.
रमेशराज की विरोधरस की मुक्तछंद कविताएँ—1.
कवि रमेशराज
मुझे आशीष दो, माँ
मुझे आशीष दो, माँ
Ghanshyam Poddar
चुभती है रौशनी
चुभती है रौशनी
Dr fauzia Naseem shad
सूरज की किरणों
सूरज की किरणों
Sidhartha Mishra
मैं अपनी खूबसूरत दुनिया में
मैं अपनी खूबसूरत दुनिया में
ruby kumari
Loading...