Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jul 2016 · 1 min read

तुममें वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,,

तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,
ढूंढती हूँ वो बीते लम्हे भी,
सच में,वो चाँद रात ढूंढती हूँ
तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,,,,
*
वर्षों का बीतना न बदल पाया मुझे,
तुमने ठहराव को अपनाया ही नहीं,
लम्हा दर लम्हा,तुम बदलते रहे,
और,मुझे बदलना आया ही नहीं,
उसी मोड़ उसी चौराहे खड़ी,
रस्ता-ए-साथ ढूंढती हूँ,
तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,
ढूंढती हूँ वो बीते लम्हे भी,
सच में,वो चाँद रात ढूंढती हूँ
तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,,,,
*
वो सादगी,वो भोलापन,वो मासूमियत,
गुमते गुमते हो ही गयी न गुम,
शातिर ज़माने की आबोहवा तुम्हें,
उड़ाते उड़ाते ले ही गयी न चुन,
तुममें न जाने इतने पर भी क्यूँ,
मैं वो बागपन ढूंढती हूँ,
तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,
ढूंढती हूँ वो बीते लम्हे भी,
सच में,वो चाँद रात ढूंढती हूँ
तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,,,,

****शुचि(भवि)****

Language: Hindi
Tag: कविता
2 Comments · 227 Views
You may also like:
✍️✍️ये बौनी!आँखों से गोली मार रही है✍️✍️
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सपनों की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ज़िंदगी बे'जवाब रहने दो
Dr fauzia Naseem shad
मैथिली भाषा/साहित्यमे समस्या आ समाधान
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
बदलते रिश्ते
पंकज कुमार कर्ण
इक ख्वाहिश है।
Taj Mohammad
फेरे
लक्ष्मी सिंह
वीरों को युद्ध आह्वान.....
Aditya Prakash
*चोरी के बाद (व्यंग्य)*
Ravi Prakash
दोस्ती और दुश्मनी
shabina. Naaz
पिता
Vandana Namdev
अन्नदाता किसान
Shekhar Chandra Mitra
✍️वो कौन है ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
राजनीति का सर्कस
Shyam Sundar Subramanian
आखिर क्या... दुनिया को
Nitu Sah
जो चाहे कर सकता है
Alok kumar Mishra
तेरी एक तिरछी नज़र
DESH RAJ
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
“" हिन्दी मे निहित हमारे संस्कार” "
Dr Meenu Poonia
भाइयों के बीच प्रेम, प्रतिस्पर्धा और औपचारिकताऐं
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
सच समझ बैठी दिल्लगी को यहाँ।
ananya rai parashar
हरयाणा ( हरियाणा दिवस पर विशेष)
Varun Singh Gautam
मन
Pakhi Jain
दिनेश कार्तिक
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
वर्तमान
Vikas Sharma'Shivaaya'
माँ के आँचल में छुप जाना
Dr Archana Gupta
【9】 *!* सुबह हुई अब बिस्तर छोडो *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
सच्चाई लक्ष्मण रेखा की
AJAY AMITABH SUMAN
कोमल हृदय - नारी
DR ARUN KUMAR SHASTRI
✍️कोरोना✍️
'अशांत' शेखर
Loading...