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21 Mar 2024 · 1 min read

ती सध्या काय करते

ती सध्या काय करते
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आठवणीत तुझ्या कितीदा भिजावे
कोपऱ्यात मनाच्या कितीदा रडावे।।

सुगंधात आठवांच्या कितीदा फुलावे
हाक देत अंतरात कितीदा झुरावे।।

नको देत जाऊ आता, अशी हाक मला
राहतो नजरे समोर, हा खालीच झुला।।

दाटलेले भाव अन् हा कोंडलेला वारा
सखी तुझ्या आठवणीत झालो बावरा।।

नको वेळ लावू आता,पश्चिमेचा वारा
यत्न करतो सांगाया, उगवे शुक्र तारा।।

मिट्ट काळोखात भीती,वाटते स्वतःची
परतून ये तरी, स्थिती बघ पाखराची।।

भेटशील का ग तू, ओळखीच्या किनाऱ्याला
दाटले मन नभापरी , वाट देऊ पावसाला।।

मंदार गांगल “मानस”

Language: Marathi
46 Views
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