Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Apr 2024 · 1 min read

तन पर तन के रंग का,

तन पर तन के रंग का,
जब पहना परिधान ।
मदन भाव उन्नत हुए, म
चल उठे अरमान ।।

सुशील सरना / 16-4-24

31 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इश्क़ में कोई
इश्क़ में कोई
लक्ष्मी सिंह
डीएनए की गवाही
डीएनए की गवाही
अभिनव अदम्य
कविता- 2- 🌸*बदलाव*🌸
कविता- 2- 🌸*बदलाव*🌸
Mahima shukla
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
Vishal babu (vishu)
हनुमंत लाल बैठे चरणों में देखें प्रभु की प्रभुताई।
हनुमंत लाल बैठे चरणों में देखें प्रभु की प्रभुताई।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
जीवन के अंतिम पड़ाव पर लोककवि रामचरन गुप्त द्वारा लिखी गयीं लघुकथाएं
जीवन के अंतिम पड़ाव पर लोककवि रामचरन गुप्त द्वारा लिखी गयीं लघुकथाएं
कवि रमेशराज
फिल्मी नशा संग नशे की फिल्म
फिल्मी नशा संग नशे की फिल्म
Sandeep Pande
सच तो रंग होते हैं।
सच तो रंग होते हैं।
Neeraj Agarwal
गांधी जी के नाम पर
गांधी जी के नाम पर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
سب کو عید مبارک ہو،
سب کو عید مبارک ہو،
DrLakshman Jha Parimal
!! परदे हया के !!
!! परदे हया के !!
Chunnu Lal Gupta
*
*"माँ"*
Shashi kala vyas
अंतरात्मा की आवाज
अंतरात्मा की आवाज
SURYA PRAKASH SHARMA
#रोचक_तथ्य
#रोचक_तथ्य
*Author प्रणय प्रभात*
***वारिस हुई***
***वारिस हुई***
Dinesh Kumar Gangwar
विचार और विचारधारा
विचार और विचारधारा
Shivkumar Bilagrami
*सेब (बाल कविता)*
*सेब (बाल कविता)*
Ravi Prakash
संकल्प
संकल्प
Shyam Sundar Subramanian
हमेशा आंखों के समुद्र ही बहाओगे
हमेशा आंखों के समुद्र ही बहाओगे
कवि दीपक बवेजा
3081.*पूर्णिका*
3081.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बदनसीब लाइका ( अंतरिक्ष पर भेजी जाने वाला पशु )
बदनसीब लाइका ( अंतरिक्ष पर भेजी जाने वाला पशु )
ओनिका सेतिया 'अनु '
"जरा सोचिए"
Dr. Kishan tandon kranti
"The Dance of Joy"
Manisha Manjari
काली स्याही के अनेक रंग....!!!!!
काली स्याही के अनेक रंग....!!!!!
Jyoti Khari
रामावतार रामायणसार 🙏🙏
रामावतार रामायणसार 🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कांटा
कांटा
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
कुदरत का प्यारा सा तोहफा ये सारी दुनियां अपनी है।
कुदरत का प्यारा सा तोहफा ये सारी दुनियां अपनी है।
सत्य कुमार प्रेमी
प्रीति क्या है मुझे तुम बताओ जरा
प्रीति क्या है मुझे तुम बताओ जरा
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
जब बातेंं कम हो जाती है अपनों की,
जब बातेंं कम हो जाती है अपनों की,
Dr. Man Mohan Krishna
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...