Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jul 2023 · 1 min read

डॉक्टर्स

जीवन के साथ डाक्टर होते हैं। मानव शरीर बीमार हो जाता हैं। दिन रात डाक्टर जागते रहते हैं। अपनी शिक्षा को सहयोग करते हैं। मानवता और मानव ज्ञान रखते हैं। डाक्टर ही तो इंसान की जरूरत है। हम जीवन में सभी डॉक्टर्स होते हैं। बस शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र होते हैं। सच तो आज यही बस डाक्टर बीमारी पहचानते हैं। जीवन के रंगमंच में डाक्टर साथ निभाते हैं। शारीरिक मानसिक बौद्धिक बीमारी दूर करते हैं। आओ मिलकर डाक्टर का सम्मान करते हैं।

नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र.

Language: Hindi
140 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सच्चा धर्म
सच्चा धर्म
Dr. Pradeep Kumar Sharma
फसल
फसल
Bodhisatva kastooriya
pita
pita
Dr.Pratibha Prakash
"हाशिये में पड़ी नारी"
Dr. Kishan tandon kranti
मैं खाना खाकर तुमसे चैट करूँगा ।
मैं खाना खाकर तुमसे चैट करूँगा ।
Dr. Man Mohan Krishna
ऊंट है नाम मेरा
ऊंट है नाम मेरा
Satish Srijan
वक्त
वक्त
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
पहाड़ के गांव,एक गांव से पलायन पर मेरे भाव ,
पहाड़ के गांव,एक गांव से पलायन पर मेरे भाव ,
Mohan Pandey
"चुनाव के दौरान नेता गरीबों के घर खाने ही क्यों जाते हैं, गर
गुमनाम 'बाबा'
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
Atul "Krishn"
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मोहब्बत में मोहब्बत से नजर फेरा,
मोहब्बत में मोहब्बत से नजर फेरा,
goutam shaw
*खुशी के पल असाधारण, दोबारा फिर नहीं आते (मुक्तक)*
*खुशी के पल असाधारण, दोबारा फिर नहीं आते (मुक्तक)*
Ravi Prakash
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
gurudeenverma198
■ बिल्ली लड़ाओ, रोटी खाओ अभियान जारी।
■ बिल्ली लड़ाओ, रोटी खाओ अभियान जारी।
*प्रणय प्रभात*
"ओट पर्दे की"
Ekta chitrangini
सपनों का सफर
सपनों का सफर
पूर्वार्थ
वो तेरी पहली नज़र
वो तेरी पहली नज़र
Yash Tanha Shayar Hu
बेबसी (शक्ति छन्द)
बेबसी (शक्ति छन्द)
नाथ सोनांचली
पंचतत्व
पंचतत्व
लक्ष्मी सिंह
*मेरे पापा*
*मेरे पापा*
Shashi kala vyas
* सताना नहीं *
* सताना नहीं *
surenderpal vaidya
सजदे में सर झुका तो
सजदे में सर झुका तो
shabina. Naaz
चरम सुख
चरम सुख
मनोज कर्ण
"कड़वी ज़ुबान"
Yogendra Chaturwedi
ओ पंछी रे
ओ पंछी रे
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
हिंदी मेरी राष्ट्र की भाषा जग में सबसे न्यारी है
हिंदी मेरी राष्ट्र की भाषा जग में सबसे न्यारी है
SHAMA PARVEEN
सुकून में जिंदगी है मगर जिंदगी में सुकून कहां
सुकून में जिंदगी है मगर जिंदगी में सुकून कहां
कवि दीपक बवेजा
डूबें अक्सर जो करें,
डूबें अक्सर जो करें,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
* माथा खराब है *
* माथा खराब है *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...