Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jul 2016 · 1 min read

ठुमरी हो या गजल हो……….

एक रचना दिल से………………आपकी नजर

ठुमरी हो या गजल हो या हो कोई कविता
रागनी हो या फिर तुम हो चंचल कोई सरिता
********************************
स्वरों की जान हो या लिखने का कोई सलीका
सुरों से सुर मिलाने का या तुम हो कोई तरीका
**********************************
डमरू की नाद हो तुम या श्रंगार कोई शिवा का
तबले की तान हो तुम या झंकार कोई वीणा का
***********************************
बांसुरी की धुन में हो तुम संदेश कोई राधा का
मन मंदिर में जैसे हो तुम उपदेश कोई गीता का
**********************************
मृदंग की गूंज हो या शंखनाद कोई किसी का
जन्मों की साधना या प्रत्यक्ष फल कोई इसी का
***********************************
बच्चों की मुस्कान हो तुम या स्रोत कोई ख़ुशी का
कृपा माँ सरस्वती की या आश्रीवाद कोई उसी का
***********************************
कपिल कुमार
19/07/2016

190 Views
You may also like:
मौन
पीयूष धामी
दिलों की बात करता है जमाना पर मोहब्बत आज भी...
Vivek Pandey
जिंदगी की तरह
shabina. Naaz
आस का दीपक
Rekha Drolia
माँ दुर्गा।
Anil Mishra Prahari
شعر
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
बिखरे अल्फ़ाज़
Satish Srijan
पिता पराए हो गए ..
ओनिका सेतिया 'अनु '
लिख दो ऐसा गीत प्रेम का, हर बाला राधा हो...
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
देवता कोई न था
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
-- मृत्यु जबकि अटल है --
गायक और लेखक अजीत कुमार तलवार
मुक्तक
Dr Archana Gupta
हम है वतन के।
Taj Mohammad
✍️बारिश का मज़ा ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
हिंदी
Vandana Namdev
✍️एक तारा आसमाँ से टूटा था✍️
'अशांत' शेखर
अनामिका के विचार
Anamika Singh
कदमों में बिखर जाए।
लक्ष्मी सिंह
# दिल्ली होगा कब्जे में .....
Chinta netam " मन "
जिंदगी किसी की आसान नहीं होती...
AMRESH KUMAR VERMA
महंगाई नही बढ़ी खर्चे बढ़ गए है
Ram Krishan Rastogi
साहिल की रेत
Kaur Surinder
सच की क़ीमत
Shekhar Chandra Mitra
✴️✳️⚜️वो पगड़ी सजाए हुए हैं⚜️✳️✴️
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कवि और चितेरा
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
■ ग़ज़ल / बात है साहब...!!
*Author प्रणय प्रभात*
مستان میاں
Shivkumar Bilagrami
मानकके छडी (लोकमैथिली कविता)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
*करो वोट से चोट (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
वक़्त तबदीलियां भी
Dr fauzia Naseem shad
Loading...