Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Feb 2024 · 1 min read

” ठिठक गए पल “

नव गीत

देखा रुप सुहाना ,
ठिठक गये पल !!
लगता है मुस्कानें ,
करती है छल !!

आँखमिचोली तेरी ,
धूप गुनगुनी !
सर्द हवाओं सी की ,
बात अनसुनी !
माथे पर पड़ते हैं ,
अनजाने बल !!

डोर प्रीत की बांधी ,
उड़ी पतंगें !
पेंच आँख के उलझे ,
रंग बिरंगे !
लगी लालसा ऐसी ,
अब लगे न टल !!

चढ़ी बहारें काँधे ,
खुशबू पसरी !
पवन निकलती छूकर ,
खोले गठरी !
सँवर गये तुम पल को ,
पल हुए नवल !!

रंगत है बासंती ,
मन को भायी !
आँखों में जागी है ,
फिर तरुणाई !
खुशियों के झरने हैं ,
बहते कलकल !!

स्वरचित / रचियता :
बृज व्यास
शाजापुर ( मध्यप्रदेश )

Language: Hindi
2 Likes · 2 Comments · 237 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
“पसरल अछि अकर्मण्यता”
“पसरल अछि अकर्मण्यता”
DrLakshman Jha Parimal
यहां कश्मीर है केदार है गंगा की माया है।
यहां कश्मीर है केदार है गंगा की माया है।
सत्य कुमार प्रेमी
हलमुखी छंद
हलमुखी छंद
Neelam Sharma
दाम रिश्तों के
दाम रिश्तों के
Dr fauzia Naseem shad
* मुक्तक *
* मुक्तक *
surenderpal vaidya
कैसे?
कैसे?
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
गुमनाम शायरी
गुमनाम शायरी
Shekhar Chandra Mitra
!! मन रखिये !!
!! मन रखिये !!
Chunnu Lal Gupta
कुछ पैसे बचा कर रखे हैं मैंने,
कुछ पैसे बचा कर रखे हैं मैंने,
Vishal babu (vishu)
कुछ लोग बहुत पास थे,अच्छे नहीं लगे,,
कुछ लोग बहुत पास थे,अच्छे नहीं लगे,,
Shweta Soni
युद्ध के विरुद्ध कुंडलिया
युद्ध के विरुद्ध कुंडलिया
Ravi Prakash
कविका मान
कविका मान
Dr. Sunita Singh
कैसे भूल सकता हूँ मैं वह
कैसे भूल सकता हूँ मैं वह
gurudeenverma198
महायुद्ध में यूँ पड़ी,
महायुद्ध में यूँ पड़ी,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
उर्दू वर्किंग जर्नलिस्ट का पहला राष्ट्रिय सम्मेलन हुआ आयोजित।
उर्दू वर्किंग जर्नलिस्ट का पहला राष्ट्रिय सम्मेलन हुआ आयोजित।
Shakil Alam
नेता सोये चैन से,
नेता सोये चैन से,
sushil sarna
हर रास्ता मुकम्मल हो जरूरी है क्या
हर रास्ता मुकम्मल हो जरूरी है क्या
कवि दीपक बवेजा
शेखर सिंह ✍️
शेखर सिंह ✍️
शेखर सिंह
2838.*पूर्णिका*
2838.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कोठरी
कोठरी
Punam Pande
उसकी सूरत देखकर दिन निकले तो कोई बात हो
उसकी सूरत देखकर दिन निकले तो कोई बात हो
Dr. Shailendra Kumar Gupta
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ११)
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ११)
Kanchan Khanna
हाथ पताका, अंबर छू लूँ।
हाथ पताका, अंबर छू लूँ।
संजय कुमार संजू
चंद्र शीतल आ गया बिखरी गगन में चाँदनी।
चंद्र शीतल आ गया बिखरी गगन में चाँदनी।
लक्ष्मी सिंह
जिंदगी के तराने
जिंदगी के तराने
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
■ छोटी दीवाली
■ छोटी दीवाली
*Author प्रणय प्रभात*
*इश्क़ से इश्क़*
*इश्क़ से इश्क़*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
"पाठशाला"
Dr. Kishan tandon kranti
कोई भी नही भूख का मज़हब यहाँ होता है
कोई भी नही भूख का मज़हब यहाँ होता है
Mahendra Narayan
सुनो ये मौहब्बत हुई जब से तुमसे ।
सुनो ये मौहब्बत हुई जब से तुमसे ।
Phool gufran
Loading...