Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Oct 2016 · 1 min read

झरोखा

जिन्दगी के हर पहलू मे मैने तुझको मुडकर देखा
जैसे किसी बन्द कमरे मे रोशनी का एक झरोखा

सब करते है इन्तजार आये तारो से सजी रात
फैले चांदनी ,बहे ठन्डी हवा का झोकां
मगर हाथ जोडकर मै करती हूम नमन
निकले न कभी चांद यहां का

जिसको चाहिए रोशनी जितनी,सहनी होगी तपिश भी उतनी
ये सच है मैने जान लिया,इस रहस्य को पहचान लिया
क्योकि हालातो की अग्नि मे मैने आहुति बनकर देखा

जैसे किसी बन्द कमरे मे रोशनी का एक झरोखा

Language: Hindi
1 Comment · 855 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गुरु तेग बहादुर जी का वलिदान युगों तक प्रेरणा देगा।
गुरु तेग बहादुर जी का वलिदान युगों तक प्रेरणा देगा।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
किसान का दर्द
किसान का दर्द
तरुण सिंह पवार
पल
पल
Sangeeta Beniwal
मित्रता दिवस पर विशेष
मित्रता दिवस पर विशेष
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
फितरत
फितरत
Surya Barman
सद्विचार
सद्विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तुम्हें मैं भूल सकता हूं
तुम्हें मैं भूल सकता हूं
Dr fauzia Naseem shad
*बुढ़ापे में जवानी हो 【मुक्तक】*
*बुढ़ापे में जवानी हो 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
कितना मुश्किल है केवल जीना ही ..
कितना मुश्किल है केवल जीना ही ..
Vivek Mishra
पर्यावरण
पर्यावरण
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
प्राणवल्लभा 2
प्राणवल्लभा 2
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
एक यह भय जिससे
एक यह भय जिससे
gurudeenverma198
23/175.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/175.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
-- ग़दर 2 --
-- ग़दर 2 --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
कुत्ते / MUSAFIR BAITHA
कुत्ते / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
💐असत् वस्तुनः त्यागेन अभिमानं न भवति💐
💐असत् वस्तुनः त्यागेन अभिमानं न भवति💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जे सतावेला अपना माई-बाप के
जे सतावेला अपना माई-बाप के
Shekhar Chandra Mitra
"मेरी नयी स्कूटी"
Dr Meenu Poonia
नदी का किनारा ।
नदी का किनारा ।
Kuldeep mishra (KD)
*** सिमटती जिंदगी और बिखरता पल...! ***
*** सिमटती जिंदगी और बिखरता पल...! ***
VEDANTA PATEL
ग़ज़ल - कह न पाया आदतन तो और कुछ - संदीप ठाकुर
ग़ज़ल - कह न पाया आदतन तो और कुछ - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
मैल
मैल
Gaurav Sharma
हिंदी मेरी राष्ट्र की भाषा जग में सबसे न्यारी है
हिंदी मेरी राष्ट्र की भाषा जग में सबसे न्यारी है
SHAMA PARVEEN
दोहे-
दोहे-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मुफलिसों को जो भी हॅंसा पाया।
मुफलिसों को जो भी हॅंसा पाया।
सत्य कुमार प्रेमी
■
■ "डमी" मतलब वोट काटने के लिए खरीद कर खड़े किए गए अपात्र व अय
*Author प्रणय प्रभात*
नेता जी शोध लेख
नेता जी शोध लेख
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मतलबी इंसान हैं
मतलबी इंसान हैं
विक्रम कुमार
आंखों की भाषा के आगे
आंखों की भाषा के आगे
Ragini Kumari
गुरुर ज्यादा करोगे
गुरुर ज्यादा करोगे
Harminder Kaur
Loading...