Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 May 2024 · 1 min read

जो दिखाते हैं हम वो जताते नहीं

जो दिखाते हैं हम वो जताते नहीं
जो जताते हैं हम वो दिखाते नहीं
जिंदगी में कभी आखिरी मोड़ तक
साथ चलने का वादा निभाते नहीं

14 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Shweta Soni
View all
You may also like:
बैठाया था जब अपने आंचल में उसने।
बैठाया था जब अपने आंचल में उसने।
Phool gufran
परो को खोल उड़ने को कहा था तुमसे
परो को खोल उड़ने को कहा था तुमसे
ruby kumari
"आज का विचार"
Radhakishan R. Mundhra
अच्छे थे जब हम तन्हा थे, तब ये गम तो नहीं थे
अच्छे थे जब हम तन्हा थे, तब ये गम तो नहीं थे
gurudeenverma198
हम उस महफिल में भी खामोश बैठते हैं,
हम उस महफिल में भी खामोश बैठते हैं,
शेखर सिंह
किरदार हो या
किरदार हो या
Mahender Singh
अगन में तपा करके कुंदन बनाया,
अगन में तपा करके कुंदन बनाया,
Satish Srijan
हो हमारी या तुम्हारी चल रही है जिंदगी
हो हमारी या तुम्हारी चल रही है जिंदगी
सत्य कुमार प्रेमी
कुत्तज़िन्दगी / Musafir baithA
कुत्तज़िन्दगी / Musafir baithA
Dr MusafiR BaithA
डिप्रेशन का माप
डिप्रेशन का माप
Dr. Kishan tandon kranti
*रामपुर में सर्वप्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के प्रत्यक्षदर्शी श्री रामनाथ टंडन*
*रामपुर में सर्वप्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के प्रत्यक्षदर्शी श्री रामनाथ टंडन*
Ravi Prakash
*तुम और  मै धूप - छाँव  जैसे*
*तुम और मै धूप - छाँव जैसे*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
नेता सोये चैन से,
नेता सोये चैन से,
sushil sarna
अकेले चलने की तो ठानी थी
अकेले चलने की तो ठानी थी
Dr.Kumari Sandhya
जब घर से दूर गया था,
जब घर से दूर गया था,
भवेश
10) पूछा फूल से..
10) पूछा फूल से..
पूनम झा 'प्रथमा'
अब और ढूंढने की ज़रूरत नहीं मुझे
अब और ढूंढने की ज़रूरत नहीं मुझे
Aadarsh Dubey
कभी - कभी सोचता है दिल कि पूछूँ उसकी माँ से,
कभी - कभी सोचता है दिल कि पूछूँ उसकी माँ से,
Madhuyanka Raj
ये ज़िंदगी
ये ज़िंदगी
Shyam Sundar Subramanian
मां का आंचल(Happy mothers day)👨‍👩‍👧‍👧
मां का आंचल(Happy mothers day)👨‍👩‍👧‍👧
Ms.Ankit Halke jha
3373⚘ *पूर्णिका* ⚘
3373⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
अधिकांश लोग बोल कर
अधिकांश लोग बोल कर
*Author प्रणय प्रभात*
जो लोग अपनी जिंदगी से संतुष्ट होते हैं वे सुकून भरी जिंदगी ज
जो लोग अपनी जिंदगी से संतुष्ट होते हैं वे सुकून भरी जिंदगी ज
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
दुश्मन से भी यारी रख। मन में बातें प्यारी रख। दुख न पहुंचे लहजे से। इतनी जिम्मेदारी रख। ।
दुश्मन से भी यारी रख। मन में बातें प्यारी रख। दुख न पहुंचे लहजे से। इतनी जिम्मेदारी रख। ।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
ज़माना हक़ीक़त
ज़माना हक़ीक़त
Vaishaligoel
20, 🌻बसन्त पंचमी🌻
20, 🌻बसन्त पंचमी🌻
Dr Shweta sood
अचानक जब कभी मुझको हाँ तेरी याद आती है
अचानक जब कभी मुझको हाँ तेरी याद आती है
Johnny Ahmed 'क़ैस'
* जब लक्ष्य पर *
* जब लक्ष्य पर *
surenderpal vaidya
"दूल्हन का घूँघट"
Ekta chitrangini
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...