Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Jun 2023 · 1 min read

क्या जानते हो —-कुछ नही ❤️

जो कुछ नही जानता वह ईश्वर जानता है ,
जो थोड़ा कुछ जानता है वह विज्ञान जानता है
तो बताओ सामान्य लोग क्या जानते हैं– “कुछ नही ”

–rohit

Language: Hindi
136 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ईश्वर का रुप मां
ईश्वर का रुप मां
Keshi Gupta
कब तक छुपाकर रखोगे मेरे नाम को
कब तक छुपाकर रखोगे मेरे नाम को
Manoj Mahato
विकलांगता : नहीं एक अभिशाप
विकलांगता : नहीं एक अभिशाप
Dr. Upasana Pandey
हम तुम
हम तुम
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
वह लोग जिनके रास्ते कई होते हैं......
वह लोग जिनके रास्ते कई होते हैं......
कवि दीपक बवेजा
हिन्दी दोहा बिषय-जगत
हिन्दी दोहा बिषय-जगत
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
डॉ अरुण कुमार शास्त्री ( पूर्व निदेशक – आयुष ) दिल्ली
डॉ अरुण कुमार शास्त्री ( पूर्व निदेशक – आयुष ) दिल्ली
DR ARUN KUMAR SHASTRI
क्या हो, अगर कोई साथी न हो?
क्या हो, अगर कोई साथी न हो?
Vansh Agarwal
चलो हम सब मतदान करें
चलो हम सब मतदान करें
Sonam Puneet Dubey
चमचे और चिमटे जैसा स्कोप
चमचे और चिमटे जैसा स्कोप
*प्रणय प्रभात*
कलेक्टर से भेंट
कलेक्टर से भेंट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
खुले लोकतंत्र में पशु तंत्र ही सबसे बड़ा हथियार है
खुले लोकतंत्र में पशु तंत्र ही सबसे बड़ा हथियार है
प्रेमदास वसु सुरेखा
इंसानियत
इंसानियत
Sunil Maheshwari
आन-बान-शान हमारी हिंदी भाषा
आन-बान-शान हमारी हिंदी भाषा
Raju Gajbhiye
नमस्ते! रीति भारत की,
नमस्ते! रीति भारत की,
Neelam Sharma
दोस्ती.......
दोस्ती.......
Harminder Kaur
गरीब की आरजू
गरीब की आरजू
Neeraj Agarwal
अजीब सी चुभन है दिल में
अजीब सी चुभन है दिल में
हिमांशु Kulshrestha
बारिश में नहा कर
बारिश में नहा कर
A🇨🇭maanush
जमाने से विद लेकर....
जमाने से विद लेकर....
Neeraj Mishra " नीर "
सच
सच
Sanjay ' शून्य'
"व्याख्या-विहीन"
Dr. Kishan tandon kranti
आईना बोला मुझसे
आईना बोला मुझसे
Kanchan Advaita
मां
मां
Lovi Mishra
ज्ञानी मारे ज्ञान से अंग अंग भीग जाए ।
ज्ञानी मारे ज्ञान से अंग अंग भीग जाए ।
Krishna Kumar ANANT
*जन्मदिवस पर केक ( बाल कविता )*
*जन्मदिवस पर केक ( बाल कविता )*
Ravi Prakash
2967.*पूर्णिका*
2967.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हमारा संघर्ष
हमारा संघर्ष
पूर्वार्थ
दोहा पंचक. . . . . दम्भ
दोहा पंचक. . . . . दम्भ
sushil sarna
‘ विरोधरस ‘---9. || विरोधरस के आलम्बनों के वाचिक अनुभाव || +रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---9. || विरोधरस के आलम्बनों के वाचिक अनुभाव || +रमेशराज
कवि रमेशराज
Loading...