Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 May 2023 · 1 min read

जीवन

जीवन बस इक संघर्ष है,
जिस्मे अवसाद ज्यादा,कम हर्ष है!!जीवन बस इक…
राहें आसान हो जाती है,
यदि साथी आपका कोई समदर्श है!!जीवन बस इक…
हर मोड़ पर बधाओं की नहरे है,
पर तैरने वाले कहां ठहरे हैं?
फिर भी न जाने क्यूं अपकर्ष है?जीवन बस इक…
करो कुछ इस वर्ष ऐसा.
कहै लोग बस “बदल रहा भारतवर्ष है!”
जीवन बस इक संघर्ष है!!

मौलिक सर्वाधिकार सुरछित रचना
बोधिसत्व कस्तूरिया एडवोकेट,कवि ,पत्रकार
202नीरव निकुज,सिकन्दरा,आगरा-282007

Language: Hindi
408 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Bodhisatva kastooriya
View all
You may also like:
#हिंदी_ग़ज़ल
#हिंदी_ग़ज़ल
*प्रणय प्रभात*
गृहिणी (नील पदम् के दोहे)
गृहिणी (नील पदम् के दोहे)
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मनमुटाव अच्छा नहीं,
मनमुटाव अच्छा नहीं,
sushil sarna
क्यों नारी लूट रही है
क्यों नारी लूट रही है
gurudeenverma198
विरोध-रस की काव्य-कृति ‘वक्त के तेवर’ +रमेशराज
विरोध-रस की काव्य-कृति ‘वक्त के तेवर’ +रमेशराज
कवि रमेशराज
" हर वर्ग की चुनावी चर्चा “
Dr Meenu Poonia
नारी के बिना जीवन, में प्यार नहीं होगा।
नारी के बिना जीवन, में प्यार नहीं होगा।
सत्य कुमार प्रेमी
बढ़ना होगा
बढ़ना होगा
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
किताबों में झुके सिर दुनिया में हमेशा ऊठे रहते हैं l
किताबों में झुके सिर दुनिया में हमेशा ऊठे रहते हैं l
Ranjeet kumar patre
ऐ!मेरी बेटी
ऐ!मेरी बेटी
लक्ष्मी सिंह
देश के दुश्मन कहीं भी, साफ़ खुलते ही नहीं हैं
देश के दुश्मन कहीं भी, साफ़ खुलते ही नहीं हैं
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
केशव
केशव
Dinesh Kumar Gangwar
" दूरियां"
Pushpraj Anant
शब्द से शब्द टकराए तो बन जाए कोई बात ,
शब्द से शब्द टकराए तो बन जाए कोई बात ,
ज्योति
*चिड़िया और साइकिल (बाल कविता)*
*चिड़िया और साइकिल (बाल कविता)*
Ravi Prakash
एकतरफा प्यार
एकतरफा प्यार
Shekhar Chandra Mitra
*पीता और पिलाता है*
*पीता और पिलाता है*
Dushyant Kumar
यूनिवर्सिटी नहीं केवल वहां का माहौल बड़ा है।
यूनिवर्सिटी नहीं केवल वहां का माहौल बड़ा है।
Rj Anand Prajapati
चुभते शूल.......
चुभते शूल.......
Kavita Chouhan
हृदय द्वार (कविता)
हृदय द्वार (कविता)
Monika Yadav (Rachina)
इसी से सद्आत्मिक -आनंदमय आकर्ष हूँ
इसी से सद्आत्मिक -आनंदमय आकर्ष हूँ
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बंधे रहे संस्कारों से।
बंधे रहे संस्कारों से।
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
सब समझें पर्व का मर्म
सब समझें पर्व का मर्म
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
पिता
पिता
Manu Vashistha
"ऐसा मंजर होगा"
पंकज कुमार कर्ण
कौन हूं मैं?
कौन हूं मैं?
Rachana
श्री श्याम भजन 【लैला को भूल जाएंगे】
श्री श्याम भजन 【लैला को भूल जाएंगे】
Khaimsingh Saini
कहीं ना कहीं कुछ टूटा है
कहीं ना कहीं कुछ टूटा है
goutam shaw
23/195. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/195. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
I want to hug you
I want to hug you
VINOD CHAUHAN
Loading...