Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Sep 2023 · 1 min read

जीवन की यह झंझावातें

गीत.. 125
गीत…

जीवन की यह झंझावातें, कर देती हैं यूँ, मजबूर।
बन जाते हैं बिखरे पन्ने, पुस्तक के जैसे दस्तूर।।

एक कहानी गाथाएं बन, कैसे सदियों से विख्यात।
गर्म हवायें कर देती हैं, अक्सर बेमौसम बरसात।।
कौन देखता है सच्चाई, कर लेते सब हैं मंजूर।
बन जाते हैं बिखरे पन्ने, पुस्तक के जैसे दस्तूर।।

सम्बन्धों के सुचि धागे में, पड़ जाती है टेढ़ी गाँठ।
धीरे-धीरे होने लगता, इससे सबका मन है काठ।।
तस्वीरों के अपनेपन से, हो जाता है दर्पण चूर।
बन जाते हैं बिखरे पन्ने, पुस्तक के जैसे दस्तूर।।

बनने लग जाती दीवारें, कट जाते रागों के तार।
चिढ़ने लगते हैं हाथों में, खुशियों के कोई उपहार।।
पास हमेशा जो रहते थे, हो जाते हैं ऐसे दूर।
बन जाते हैं बिखरे पन्ने, पुस्तक के जैसे दस्तूर।।

डाॅ. राजेन्द्र सिंह ‘राही’

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 267 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मेरी मजबूरी को बेवफाई का नाम न दे,
मेरी मजबूरी को बेवफाई का नाम न दे,
Priya princess panwar
"मैं आग हूँ"
Dr. Kishan tandon kranti
बुढ़ापे में अभी भी मजे लेता हूं (हास्य व्यंग)
बुढ़ापे में अभी भी मजे लेता हूं (हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
जिस के पास एक सच्चा दोस्त है
जिस के पास एक सच्चा दोस्त है
shabina. Naaz
पिता
पिता
लक्ष्मी सिंह
प्रेम की अनिवार्यता
प्रेम की अनिवार्यता
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
नहीं जा सकता....
नहीं जा सकता....
Srishty Bansal
तेरे दिल में मेरे लिए जगह खाली है क्या,
तेरे दिल में मेरे लिए जगह खाली है क्या,
Vishal babu (vishu)
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*जनता के कब पास है, दो हजार का नोट* *(कुंडलिया)*
*जनता के कब पास है, दो हजार का नोट* *(कुंडलिया)*
Ravi Prakash
2753. *पूर्णिका*
2753. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
-- धरती फटेगी जरूर --
-- धरती फटेगी जरूर --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
प्रेम स्वतंत्र आज हैं?
प्रेम स्वतंत्र आज हैं?
The_dk_poetry
* श्री ज्ञानदायिनी स्तुति *
* श्री ज्ञानदायिनी स्तुति *
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
तुम्हीं तुम हो.......!
तुम्हीं तुम हो.......!
Awadhesh Kumar Singh
क्यों हो गया अब हमसे खफ़ा
क्यों हो गया अब हमसे खफ़ा
gurudeenverma198
होली...
होली...
Aadarsh Dubey
वर्षा का भेदभाव
वर्षा का भेदभाव
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
#सच्ची_घटना-
#सच्ची_घटना-
*Author प्रणय प्रभात*
दिल की बात
दिल की बात
Bodhisatva kastooriya
*अभी तो रास्ता शुरू हुआ है.*
*अभी तो रास्ता शुरू हुआ है.*
Naushaba Suriya
सियासत में
सियासत में
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
चॉकलेट
चॉकलेट
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
जीवन पुष्प की बगिया
जीवन पुष्प की बगिया
Buddha Prakash
आखिर कुछ तो सबूत दो क्यों तुम जिंदा हो
आखिर कुछ तो सबूत दो क्यों तुम जिंदा हो
कवि दीपक बवेजा
जीवन में शॉर्ट कट 2 मिनट मैगी के जैसे होते हैं जो सिर्फ दो म
जीवन में शॉर्ट कट 2 मिनट मैगी के जैसे होते हैं जो सिर्फ दो म
Neelam Sharma
अन्याय के आगे मत झुकना
अन्याय के आगे मत झुकना
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
आप क्या
आप क्या
Dr fauzia Naseem shad
गुलामी के कारण
गुलामी के कारण
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
आजकल के समाज में, लड़कों के सम्मान को उनकी समझदारी से नहीं,
आजकल के समाज में, लड़कों के सम्मान को उनकी समझदारी से नहीं,
पूर्वार्थ
Loading...