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7 Dec 2022 · 1 min read

जो ये खेल

जो खेल है

ये धर्म के नाम पर जो खेल है,
वह बहुत ही घातक है,
कबतक ये सब चलेगा,,
समझ नही आता है,,

ईश्वर आराध्य आदर्श न होकर,,
पोस्टर नारों जयकरो,,
निजी बल संख्या प्रदर्शन,,
चमकता निज आभा है,,

कौन सा रूप आधुनिक,,
संसाधनों की भरमार,,
मानवता का कोई मर्म नही,,
ये तो धर्म से नही नाता है,,

कराह रही है नैतिकता,,
सिर्फ जातियों की एकता,,
भृमत्त्व की बाढ़ है सब,,
क्या यही धर्म सिखाता है,,

मानक लाल मनु,,

Language: Hindi
1 Like · 114 Views
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