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जागो मतदाता जागो

?जागो मतदाता जागो?

देश का कल रहा पुकार
है मतदान तेरा अधिकार
श्रमिक,बणिक सुनो नर औ’नार
वक्त की है यह दरकार
जो मत देते नहीं हैं जन
देश के वे बड़े दुश्मन
जब मत देना नहीं स्वीकार
क्यों करते फिर हाहाकार
वय अठरा जिसकी पूरी हो
मतदाता वह जरूरी हो
मत की शक्ति को पहचानो
हे सत्ता के जनाधार!
सबकी नहीं दिल की सुनो
है योग्य जो उसको चुनो
देती जिसे जनता दिशा
चलती उसकी है सरकार
✍हेमा तिवारी भट्ट✍

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