Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Aug 2023 · 1 min read

जां से बढ़कर है आन भारत की

जां से बढ़कर है आन भारत की
कुल जमा दास्तान भारत की
सोच ज़िन्दा है और ताज़ादम
नौजवां है कमान भारत की
– महावीर उत्तरांचली

1 Like · 192 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
आज हम सब करें शक्ति की साधना।
आज हम सब करें शक्ति की साधना।
surenderpal vaidya
मुफ़्त
मुफ़्त
नंदन पंडित
पेड़ पौधों के बिना ताजी हवा ढूंढेंगे लोग।
पेड़ पौधों के बिना ताजी हवा ढूंढेंगे लोग।
सत्य कुमार प्रेमी
प्यार के पंछी
प्यार के पंछी
Neeraj Agarwal
कौन कहता है की ,
कौन कहता है की ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
काँटों ने हौले से चुभती बात कही
काँटों ने हौले से चुभती बात कही
Atul "Krishn"
आज के युग का सबसे बड़ा दुर्भाग्य ये है
आज के युग का सबसे बड़ा दुर्भाग्य ये है
पूर्वार्थ
■ आई बात समझ में...?
■ आई बात समझ में...?
*प्रणय प्रभात*
इंद्रदेव समझेंगे जन जन की लाचारी
इंद्रदेव समझेंगे जन जन की लाचारी
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
गुरु मेरा मान अभिमान है
गुरु मेरा मान अभिमान है
Harminder Kaur
आँखों में अँधियारा छाया...
आँखों में अँधियारा छाया...
डॉ.सीमा अग्रवाल
देश हमारा भारत प्यारा
देश हमारा भारत प्यारा
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
*हिंदी मेरे देश की जुबान है*
*हिंदी मेरे देश की जुबान है*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
मैं कुछ इस तरह
मैं कुछ इस तरह
Dr Manju Saini
फांसी का फंदा भी कम ना था,
फांसी का फंदा भी कम ना था,
Rahul Singh
आम, नीम, पीपल, बरगद जैसे बड़े पेड़ काटकर..
आम, नीम, पीपल, बरगद जैसे बड़े पेड़ काटकर..
Ranjeet kumar patre
ताल-तलैया रिक्त हैं, जलद हीन आसमान,
ताल-तलैया रिक्त हैं, जलद हीन आसमान,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
"चिता"
Dr. Kishan tandon kranti
वृद्धाश्रम इस समस्या का
वृद्धाश्रम इस समस्या का
Dr fauzia Naseem shad
मकर संक्रांति
मकर संक्रांति
Mamta Rani
मन में रख विश्वास,
मन में रख विश्वास,
Anant Yadav
मेरा स्वर्ग
मेरा स्वर्ग
Dr.Priya Soni Khare
सब तमाशा है ।
सब तमाशा है ।
Neelam Sharma
*सुनो माँ*
*सुनो माँ*
sudhir kumar
!! सुविचार !!
!! सुविचार !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
कविता की महत्ता।
कविता की महत्ता।
Rj Anand Prajapati
तू सहारा बन
तू सहारा बन
Bodhisatva kastooriya
करूण संवेदना
करूण संवेदना
Ritu Asooja
पहले जैसा अब अपनापन नहीं रहा
पहले जैसा अब अपनापन नहीं रहा
Dr.Khedu Bharti
कभी कभी मौन रहने के लिए भी कम संघर्ष नहीं करना पड़ता है।
कभी कभी मौन रहने के लिए भी कम संघर्ष नहीं करना पड़ता है।
Paras Nath Jha
Loading...