Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Dec 2023 · 1 min read

ज़िंदगी

ज़िंदगी
अगर ज़िंदगी है तो ख़्वाब हैं ,
ख़्वाब हैं तो मंजिलें हैं ,
मंजिलें हैं तो रास्ते हैं ,
रास्ते है तो मुश्किलें हैं ,
मुश्किलें है तो हौसले हैं ,
हौसले हैं तो विश्वास हैं ,
कि जीत हमारी हैं ।

3 Comments · 132 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
23/04.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/04.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
आस्था और भक्ति की तुलना बेकार है ।
आस्था और भक्ति की तुलना बेकार है ।
Seema Verma
आगे पीछे का नहीं अगल बगल का
आगे पीछे का नहीं अगल बगल का
Paras Nath Jha
खुदकुशी नहीं, इंक़लाब करो
खुदकुशी नहीं, इंक़लाब करो
Shekhar Chandra Mitra
डर
डर
अखिलेश 'अखिल'
वो लम्हें जो हर पल में, तुम्हें मुझसे चुराते हैं।
वो लम्हें जो हर पल में, तुम्हें मुझसे चुराते हैं।
Manisha Manjari
ज़िन्दगी,
ज़िन्दगी,
Santosh Shrivastava
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
आपका स्नेह पाया, शब्द ही कम पड़ गये।।
आपका स्नेह पाया, शब्द ही कम पड़ गये।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
अपने योग्यता पर घमंड होना कुछ हद तक अच्छा है,
अपने योग्यता पर घमंड होना कुछ हद तक अच्छा है,
Aditya Prakash
*कभी जिंदगी अच्छी लगती, कभी मरण वरदान है (गीत)*
*कभी जिंदगी अच्छी लगती, कभी मरण वरदान है (गीत)*
Ravi Prakash
इश्क में डूबी हुई इक जवानी चाहिए
इश्क में डूबी हुई इक जवानी चाहिए
सौरभ पाण्डेय
संस्कारों और वीरों की धरा...!!!!
संस्कारों और वीरों की धरा...!!!!
Jyoti Khari
क्यों नारी लूट रही है
क्यों नारी लूट रही है
gurudeenverma198
मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
फागुनी धूप, बसंती झोंके
फागुनी धूप, बसंती झोंके
Shweta Soni
शब्द गले में रहे अटकते, लब हिलते रहे।
शब्द गले में रहे अटकते, लब हिलते रहे।
विमला महरिया मौज
हिसाब-किताब / मुसाफ़िर बैठा
हिसाब-किताब / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
बात क्या है कुछ बताओ।
बात क्या है कुछ बताओ।
सत्य कुमार प्रेमी
एक सच
एक सच
Neeraj Agarwal
अस्तित्व की पहचान
अस्तित्व की पहचान
Kanchan Khanna
ऐ दिल तु ही बता दे
ऐ दिल तु ही बता दे
Ram Krishan Rastogi
रुलाई
रुलाई
Bodhisatva kastooriya
जो खास है जीवन में उसे आम ना करो।
जो खास है जीवन में उसे आम ना करो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
कुछ सपने आंखों से समय के साथ छूट जाते हैं,
कुछ सपने आंखों से समय के साथ छूट जाते हैं,
manjula chauhan
एक पिता की पीर को, दे दो कुछ भी नाम।
एक पिता की पीर को, दे दो कुछ भी नाम।
Suryakant Dwivedi
■ बे-मन की बात।।
■ बे-मन की बात।।
*Author प्रणय प्रभात*
Converse with the powers
Converse with the powers
Dhriti Mishra
प्यार में ना जाने क्या-क्या होता है ?
प्यार में ना जाने क्या-क्या होता है ?
Buddha Prakash
*अज्ञानी की कलम शूल_पर_गीत
*अज्ञानी की कलम शूल_पर_गीत
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
Loading...