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23 Aug 2023 · 1 min read

ज़िंदगी

“पुण्य और पाप की किताब हैं जिंदगी
भले और बुरे का हिसाब है जिंदगी
कभी हँसना है तो कभी रोना है जिंदगी
ये तो कांटों से घिरा हुआ गुलाब है जिंदगी।।”

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