Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Aug 2023 · 1 min read

“जब मानव कवि बन जाता हैं “

“जब मानव कवि बन जाता हैं ”
जब मानव कवि बन जाता है
जब उसको संसार रुलाता है
सपनों के समीप जाता है
जब वह भी ठुकरा देते
वह निज मन के सम्मुख आता
पर उसकी दुर्बलता पर जब
मन भी मुस्काता है
तब मानो कवि बन जाता है
✍️श्लोक” उमंग “✍️

2 Likes · 2 Comments · 210 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बिखरने की सौ बातें होंगी,
बिखरने की सौ बातें होंगी,
Vishal babu (vishu)
संस्कारधर्मी न्याय तुला पर
संस्कारधर्मी न्याय तुला पर
Dr MusafiR BaithA
महापुरुषों की सीख
महापुरुषों की सीख
Dr. Pradeep Kumar Sharma
साहित्य चेतना मंच की मुहीम घर-घर ओमप्रकाश वाल्मीकि
साहित्य चेतना मंच की मुहीम घर-घर ओमप्रकाश वाल्मीकि
Dr. Narendra Valmiki
"माँ की छवि"
Ekta chitrangini
इश्क़ छूने की जरूरत नहीं।
इश्क़ छूने की जरूरत नहीं।
Rj Anand Prajapati
अमृत वचन
अमृत वचन
Dp Gangwar
ज्ञान का अर्थ
ज्ञान का अर्थ
ओंकार मिश्र
एक ही धरोहर के रूप - संविधान
एक ही धरोहर के रूप - संविधान
Desert fellow Rakesh
"'मोम" वालों के
*Author प्रणय प्रभात*
होली
होली
Mukesh Kumar Sonkar
"बन्दगी" हिंदी ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
*हनुमान प्रसाद पोद्दार (कुंडलिया)*
*हनुमान प्रसाद पोद्दार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"बदल रही है औरत"
Dr. Kishan tandon kranti
2821. *पूर्णिका*
2821. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कविता
कविता
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
ख्वाबों ने अपना रास्ता बदल लिया है,
ख्वाबों ने अपना रास्ता बदल लिया है,
manjula chauhan
ख़बर ही नहीं
ख़बर ही नहीं
Dr fauzia Naseem shad
* रंग गुलाल अबीर *
* रंग गुलाल अबीर *
surenderpal vaidya
कामनाओं का चक्र व्यूह
कामनाओं का चक्र व्यूह
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
माँ का निश्छल प्यार
माँ का निश्छल प्यार
Soni Gupta
Who Said It Was Simple?
Who Said It Was Simple?
R. H. SRIDEVI
आब त रावणक राज्य अछि  सबतरि ! गाम मे ,समाज मे ,देशक कोन - को
आब त रावणक राज्य अछि सबतरि ! गाम मे ,समाज मे ,देशक कोन - को
DrLakshman Jha Parimal
काव्य में सत्य, शिव और सौंदर्य
काव्य में सत्य, शिव और सौंदर्य
कवि रमेशराज
दिल जीतने की कोशिश
दिल जीतने की कोशिश
Surinder blackpen
सोचना नहीं कि तुमको भूल गया मैं
सोचना नहीं कि तुमको भूल गया मैं
gurudeenverma198
मांँ
मांँ
Diwakar Mahto
स्त्री
स्त्री
Shweta Soni
आंख बंद करके जिसको देखना आ गया,
आंख बंद करके जिसको देखना आ गया,
Ashwini Jha
अधरों ने की  दिल्लगी, अधरों  से  कल  रात ।
अधरों ने की दिल्लगी, अधरों से कल रात ।
sushil sarna
Loading...