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3 May 2023 · 1 min read

जन जन में खींचतान

आबादी के लिहाज से दुनिया
में भारत का अब पहला स्थान
मगर अर्थव्यवस्था की दृष्टि से
विश्व में पांचवां इसका स्थान
संसाधनों की उपलब्धता को
यदि मानें विकास का मानदंड
तब हमको नजर आएगा देश
के कर्णधारों का असल पाखंड
अमीर और गरीब के बीच उपन्न
खाई बढ़ती ही जा रही लगातार
सवाल एक बड़ा है आखिर क्यों
एकदम लाचार दिख रही सरकार
आर्थिक विकास के मानक और
सही उपाय तलाशने में है खामी
तभी महंगाई और बेरोज़गारी का
हल खोजने में दिखती है नाकामी
देश में बमुश्किल तीन फीसदी लोग
ही सभी जरूरी सुविधाओं से संपन्न
बाकी बचे लोगों का जीवन मूलभूत
सुविधाओं के लिए रहे अक्सर खिन्न
संसाधनों के लिए कदम कदम पर
मची रहती है जन जन में खींचतान
अधिसंख्य का जीवन संघर्ष की होम
चढ़े जैसे हों वे देश की शापित संतान
अस्पताल से लेकर श्मशानघाट तक
हर तरफ दिखती लोगों की भारी भीड़
जरूरत के लिहाज से बहुत छोटी दिखे
हर ओर उपलब्ध संसाधनों की लकीर
साफ नजर आती हैं प्रबंधन की खामियां
पर तथ्यों पर गौर नहीं करते इंतजामियां

Language: Hindi
213 Views
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