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6 Jan 2024 · 1 min read

* जन्मभूमि का धाम *

** मुक्तक **
~~
शीघ्र सुलभ होंगे हमें, दर्शन शुभ अभिराम।
पुनः भव्य निर्मित हुआ, जन्मभूमि का धाम।
राम लगाते हैं हमें, भव सागर से पार।
बिसराना बिल्कुल नहीं, अति पावन यह नाम।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
राम नाम की खूब है, अखिल विश्व में धूम।
सब आनंदित हो रहे, भक्ति भाव में झूम।
राम नाम की है यही, महिमा अपरम्पार।
अटल सृष्टि का सत्य यह, सबको है मालूम।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
सच्चे मन से करें प्रार्थना, सुन लेंगे प्रभु राम।
और बना देंगे जीवन के, सारे बिगड़े काम।
मन के संशय दूर करें सब, तनिक रखें विश्वास।
कभी धर्म का पक्ष न छोड़ें, रखें हमेशा थाम।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
जग में है श्री राम से, भारत की पहचान।
इसी सत्य को विश्व ने, खूब लिया पहचान।
जन्म भूमि पर आज जब, हुआ भव्य निर्माण।
विश्व गगन में हो रहा, गुंजित गौरव गान।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
यह मन्दिर है प्रभु राम का, नव निर्मित अति भव्य।
सबका मन करता आह्लादित, अति सुन्दर है दृश्य।
अनगिन संघर्षों से आया, प्रतिफल बहुत महान।
स्थान विश्व में इसके जैसा, कहीं नहीं है अन्य।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
नये कलेवर में लौटा है, खोया गौरव आज।
और पूर्णता प्राप्त कर रहा, सियाराम का काज।
धन्य धन्य भारत की धरती, धन्य अयोध्याधाम।
सत्य सनातन धर्म की सदा, है बुलंद आवाज।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य

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