Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Oct 2016 · 1 min read

जगमग हो परिवेश

चकाचौंध में खो गयी, घनी अमावस रात।
दीप तले छुप कर करे, अँधियारा आघात।।

दीपों का त्यौहार यह, लाए शुभ सन्देश।
कटे तिमिर का जाल अब, जगमग हो परिवेश।।

ज्योति पर्व के दिन मिले, कुछ ऐसा वरदान।
ख़ुशियाँ बरसे हर तरफ़, सबका हो कल्याण।।

© हिमकर श्याम

Language: Hindi
340 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हाँ ये सच है कि मैं उससे प्यार करता हूँ
हाँ ये सच है कि मैं उससे प्यार करता हूँ
Dr. Man Mohan Krishna
खुदीराम बोस की शहादत का अपमान
खुदीराम बोस की शहादत का अपमान
कवि रमेशराज
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
एक लड़का
एक लड़का
Shiva Awasthi
रिश्ता एक ज़िम्मेदारी
रिश्ता एक ज़िम्मेदारी
Dr fauzia Naseem shad
सुना है सपनों की हाट लगी है , चलो कोई उम्मीद खरीदें,
सुना है सपनों की हाट लगी है , चलो कोई उम्मीद खरीदें,
Manju sagar
मेरी औकात के बाहर हैं सब
मेरी औकात के बाहर हैं सब
सिद्धार्थ गोरखपुरी
हे पिता
हे पिता
अनिल मिश्र
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
दस्तरखान बिछा दो यादों का जानां
दस्तरखान बिछा दो यादों का जानां
Shweta Soni
सारे दुख दर्द होजाते है खाली,
सारे दुख दर्द होजाते है खाली,
Kanchan sarda Malu
पर्यायवरण (दोहा छन्द)
पर्यायवरण (दोहा छन्द)
नाथ सोनांचली
*विलक्षण प्रतिभा के धनी साहित्यकार श्री शंकर दत्त पांडे*
*विलक्षण प्रतिभा के धनी साहित्यकार श्री शंकर दत्त पांडे*
Ravi Prakash
* माई गंगा *
* माई गंगा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Moral of all story.
Moral of all story.
Sampada
ज़ुल्मत की रात
ज़ुल्मत की रात
Shekhar Chandra Mitra
जन्म से मरन तक का सफर
जन्म से मरन तक का सफर
Vandna Thakur
बेवफा
बेवफा
RAKESH RAKESH
जिस के नज़र में पूरी दुनिया गलत है ?
जिस के नज़र में पूरी दुनिया गलत है ?
Sandeep Mishra
भज ले भजन
भज ले भजन
Ghanshyam Poddar
मेरे दिल की धड़कनों को बढ़ाते हो किस लिए।
मेरे दिल की धड़कनों को बढ़ाते हो किस लिए।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
2673.*पूर्णिका*
2673.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
स्वप्न लोक के वासी भी जगते- सोते हैं।
स्वप्न लोक के वासी भी जगते- सोते हैं।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
जन्मदिन की बधाई
जन्मदिन की बधाई
DrLakshman Jha Parimal
आपको डुबाने के लिए दुनियां में,
आपको डुबाने के लिए दुनियां में,
नेताम आर सी
... बीते लम्हे
... बीते लम्हे
Naushaba Suriya
Kirdare to bahut nibhai ,
Kirdare to bahut nibhai ,
Sakshi Tripathi
*****आज़ादी*****
*****आज़ादी*****
Kavita Chouhan
#मुबारकां_जी_मुबारकां
#मुबारकां_जी_मुबारकां
*Author प्रणय प्रभात*
"अहसास"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...